जालना में नदी सफाई अभियान तेज, सीना-कुंडलिका में गाद हटाने का काम, बाढ़ से बचाव की तैयारी, प्रवाह होगा बेहतर
Jalna Sina Kundalika River: जालना में सीना-कुंडलिका नदी सफाई अभियान तेज। बाढ़ से बचाव के लिए गाद हटाने, प्रवाह सुधारने और हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
जालना नदी सफाई, सीना कुंडलिका,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Jalna River Cleaning: जालना शहर में सीना व कुंडलिका नदियों की सफाई व संरक्षण के लिए व्यापक अभियान तेज हो गया है। कुंडलिका सीना फाउंडेशन व समस्त महाजन ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से इस पहात का उद्देश्य शहर को स्वच्छ रखना व संभावित बाढ़ की स्थिति से बचाव करना है। गत वर्ष हुई भारी बारिश के चलते इन नदियों में बाढ़ आ गई थी।
शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से नागरिकों को अनंत दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इसे देखते हुए इस वर्ष पहले से ही तैयारियां शुरू की गई हैं, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
अधिकारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से नदी के प्रवाह में बाधा बनने वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पानी रुकने की आशंका है, वहां मशीनों की मदद से गाद व अन्य अवरोध हटाए जा रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
सिल्लोड़ में 155 जोड़ों का सामूहिक विवाह: 26 साल से जारी पहल बनी मिसाल, फिजूलखर्ची पर रोक का संदेश
Tragedy at Tembhapuri Dam: मजदूर दिवस की खुशियां मातम में बदली; टेंभापुरी बांध में डूबने से 3 मजदूरों की मौत
जालना: हज 2026 में यात्रियों को झटका, टिकट कन्फर्म के बाद 10,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क पर उठे सवाल
संभाजीनगर में डिजिटल जनगणना 2027 की शुरुआत: 15 मई तक स्व-गणना, नागरिकों से सही जानकारी देने की अपील
इससे पानी का प्रवाह बेहतर व बाढ़ का खतरा कम होगा। वर्तमान में गायत्री मंदिर क्षेत्र के पास नदी की सफाई का काम चल रहा है। यही नहीं, शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण व हरित क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। रामतीर्थ क्षेत्र व अन्य स्थानों पर ले चुकी हैं।
यह भी पढ़ें:-जालना: हज 2026 में यात्रियों को झटका, टिकट कन्फर्म के बाद 10,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क पर उठे सवाल
कई वर्षों से कवायद जारी
- यह अभियान गत कई वर्षों से लगातार जारी है।
- वर्ष 2019 से शुरू इस पहल के तहत नदी किनारों से अतिक्रमण हटाने, गाद व कचरा साफ करने व अवैध निर्माण हटाया जा रहा है।
- इससे नदियों का प्राकृतिक प्रवाह सुधरने के साथ ही शहर के पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है।
