Nasrapur Case, कोर्ट से निकलते ही आरोपी पर टूट पड़ीं एक्टिविस्ट अर्चना पाटिल, पुलिस की गाड़ी रोककर दी चेतावनी
Nasrapur Protest: नसरापुर कांड में आरोपी की कोर्ट पेशी के दौरान एक्टिविस्ट अर्चना शाह भिवरे पाटिल ने पुलिस वैन को रोक लिया। उन्होंने मांग की कि आरोपी को गांव के सामने फांसी दी जाए।
- Written By: गोरक्ष पोफली
पुलिस की गाड़ी का रास्ता रोकते हुए एक्टिविस्ट अर्चना पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Activist Archana Patil Stops Police Van: 4 साल की मासूम के साथ हुई हैवानियत के खिलाफ पुणे की सड़कों पर संग्राम छिड़ा हुआ है। शनिवार को उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब आरोपी को कोर्ट में पेशी के बाद वापस ले जाया जा रहा था। सामाजिक कार्यकर्ता अर्चना शाह भिवरे पाटिल ने साहस दिखाते हुए पुलिस की उस गाड़ी का रास्ता रोक दिया जिसमें आरोपी बैठा था। वे उस नराधम का सामना करने और उसे सजा की मांग को लेकर अड़ गईं।
पूरे गांव के सामने दी जाए फांसी
पुलिस की गाड़ी रोकने के बाद अर्चना पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए अपनी कड़ी मांगें रखीं। उन्होंने बेहद आक्रोशित लहजे में कहा, मैं मांग करती हूँ कि इस घिनौने कृत्य के लिए आरोपी को केवल और केवल मौत की सजा दी जाए। उसे फांसी पर लटकाया जाना चाहिए, और यह सजा पूरे गांव के सामने सरेआम दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Activist Archana Shah Bhivare Patil attempted to stop the Police vehicle carrying the accused in the Nasrapur rape and murder case of a minor girl, and confront him. The accused was being taken back to the Police Station after being produced in… pic.twitter.com/L9eylZ40qa — ANI (@ANI) May 2, 2026
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पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
जब आरोपी को कोर्ट से वापस पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था, तब अर्चना पाटिल ने गाड़ी के सामने आकर उसे रोकने की कोशिश की। वे आरोपी को सीधे तौर पर ललकारना चाहती थीं। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा और कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी की गाड़ी को वहां से निकाला गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के गुस्से को बयां कर रहा था।
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न्याय की मांग तेज
नसरापुर की घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। अर्चना पाटिल जैसी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया में देरी अपराधियों के हौसले बुलंद करती है, इसलिए इस मामले में त्वरित न्याय की मिसाल पेश की जानी चाहिए।
