यूबीटी पतन के जिम्मेदार संजय राउत, बावनकुले ने खोले तार, MVA में कलह की खोली पोल

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के कमजोर होने की वजह पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रकाश डाला। चंद्रशेखर बावनकुले ने महाविकास आघाड़ी की आपसी कलह की पोल खोली।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के कमजोर होने की वजह पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रकाश डाला। चंद्रशेखर बावनकुले ने महाविकास आघाड़ी की आपसी कलह की पोल खोली।
चंद्रशेखर बावनकुले और संजय राउत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री की उम्र के संदर्भ की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अगर वे कम बोलते तो उद्धव ठाकरे की सीटें बढ़तीं। राउत के लगातार बोलते रहने के कारण ही उनकी पार्टी कमजोर हो रही है। वे नागपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2029 तक के लिए जनमत मिला है। राउत को अपनी पार्टी में किसे नेता मानना है यह सुनिश्चित करना चाहिए। उन्हें भाजपा और हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व के संदर्भ में कुछ बोलने का अधिकार नहीं है। पीएम मोदी समर्थ हैं। अनेक लोगों ने उम्र के 81-82 वर्षों तक कार्य किया है। मोदी के कारण राउत की सारी दुकानें बंद हो गई हैं, इसलिए उनके प्रति ईर्ष्या है।

विरोध के साथ विकास की बातें भी करें

सदन में दिखाए गए हनी ट्रैप पेन ड्राइव के संदर्भ में राउत ने ‘सामना’ में लिखा है कि उसमें भाजपा नेताओं के नाम हैं। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मीडिया में अस्तित्व टिकाए रखने के लिए वे रोज बोलते रहते हैं। विरोध करना विरोधी पार्टियों का काम है लेकिन राज्य के विकास के लिए भी 4 बातें मुख्यमंत्री को बताएं। विपक्ष की मानसिकता केवल विरोध करने की हो गई है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि अगर उनका स्वास्थ्य अच्छा नहीं है तो वे पद पर रहकर न्याय नहीं दे सकेंगे, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही है। इस पर संदेह की कोई बात नहीं है। कृषि मंत्री कोकाटे के वीडियो देखने के संदर्भ में कहा कि इस पर उन्होंने ही बात स्पष्ट कर दी है।

महाविकास आघाड़ी में आपसी झगड़े

विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद के संदर्भ में चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस संबंध में विरोधी पार्टियों के बीच ही झगड़े हैं। अधिवेशन के अंतिम दिन महाविकास आघाड़ी एक साथ प्रेस-परिषद भी नहीं कर पाई। उन्होंने अलग-अलग कॉन्फ्रेंस ली। इससे ही समझ जाओ कि विपक्ष का नेता कौन होगा, इसे लेकर तीनों पार्टियों में आपसी वाद है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और डीसीएम अजित पवार के जन्म दिन पर दोनों को शुभकामनाएं दीं।

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