मुंबई में छिड़ेगी आरक्षण पर जंग, जरांगे-OBC मोर्चा होंगे आमने-सामने, नागपुर से होगी शुरुआत

Maratha Reservation: मराठों के आरक्षण के मोर्चे ने अब जोर पकड़ लिया है। एक ओर मनोज जरांगे मुंबई कूच कर चुके है तो वहीं ओबीसी मोर्चा भी पीछे नहीं है। ओबीसी मोर्चा ने भी मुंबई कूच करने का ऐलान किया है।
Maratha Reservation: मराठों के आरक्षण के मोर्चे ने अब जोर पकड़ लिया है। एक ओर मनोज जरांगे मुंबई कूच कर चुके है तो वहीं ओबीसी मोर्चा भी पीछे नहीं है। ओबीसी मोर्चा ने भी मुंबई कूच करने का ऐलान किया है।
जरांगे और ओबीसी मोर्चा (सौजन्य-सोशल मीडिया,नवभारत)
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Maratha Reservation Case: मराठा आरक्षण के लिए सरकार पर दबाव बनाने हेतु मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में 29 अगस्त को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन किया जा रहा है। इससे ओबीसी संगठन भी एक्शन में आ गए हैं। मराठा आंदोलन के चलते सरकार के दबाव में आने की संभावना को देखते हुए ओबीसी समाज में संशय पैदा हो गया है।

राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने इसे संज्ञान में लेते हुए डॉ. बबनराव तायवाडे के निवास पर तत्काल बैठक आयोजित की। बैठक में ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन लगभग 100 से अधिक पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में तय किया गया कि अपने अधिकार में किसी की भी घुसपैठ के विरोध में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर समाज अपनी भावना सरकार के समक्ष पहुंचाएगा।

इसकी शुरुआत नागपुर के संविधान चौक पर शृंखलाबद्ध अनशन से होगी। 30 अगस्त को विदर्भभर के समाजबांधव संविधान चौक पर शृंखलाबद्ध अनशन शुरू करेंगे। उसके बाद मुंबई कूच किया जाएगा।

जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन

बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले विदर्भ स्तरीय शृंखलाबद्ध अनशन किया जाएगा। उसके बाद दूसरे चरण में आमरण अनशन भी होगा। उसके बाद मुंबई कूच करेंगे। बैठक में बुलढाना, अमरावती, अकोला, चंद्रपुर, गड़चिरोली के ओबीसी पदाधिकारी व संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे। इनमें शरद वानखेड़े, सचिन राजुरकर, परमेश्वर राऊत, शहराध्यक्ष राजू चौधरी, ग्रामीण अध्यक्ष शकील पटेल, खुशाल शेंडे, सुभाष घाटे, प्रकाश साबले, ओमप्रकाश फुके, अनिल शास्त्री, दौलत शास्त्री, सुरेश कोंगे, सुरेश जिचकार, एकनाथ कालमेघ, सूरज बेलोकर, नाना झोडे, नीलेश कोडे, ऋषभ राऊत, विजय ढवगले, श्याम लेडे उपस्थित थे।

मराठों को स्वतंत्र आरक्षण

बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार मराठा समाज को आरक्षण देने पर अडिग है लेकिन किसी समाज का आरक्षण कम नहीं किया जाएगा। एक समाज का आरक्षण कम कर दूसरे को देना न्याय नहीं होगा लेकिन कांग्रेस भी अपनी भूमिका स्पष्ट करे। जरांगे पाटिल के आंदोलन पर उन्होंने कहा कि आंदोलन करना सबका अधिकार है। 4 दिन का आंदोलन होता तो भी कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन गणेशोत्सव जैसे महोत्सव के दौरान यह ठीक नहीं है।

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