अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोमाली प्रवासियों पर तीखे बोल: अमेरिका छोड़ो, अपना देश ठीक करो

Trump Somali Migration: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमाली प्रवासियों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका में नहीं चाहिए और उन्हें अपने देश लौटकर उसे ठीक करना चाहिए।
Trump Somali Migration
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump anti-immigrant rhetoric controversy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रवासियों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने सोमाली समुदाय के लोगों पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए और उन्हें अमेरिका से वापस अपने देश चले जाने की सलाह दी। ट्रंप के इस बयान ने अमेरिकी राजनीति में तूफान ला दिया है और मिनेसोटा सहित पूरे देश में प्रवासी समुदायों के बीच चिंता बढ़ा दी है। इस टिप्पणी पर अमेरिकी नेताओं, विशेष रूप से सोमाली मूल की सांसद इल्हान उमर ने, कड़ी आपत्ति जताई है।

सोमाली प्रवासियों पर ट्रंप का भड़काऊ बयान

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमाली प्रवासियों के बारे में एक बेहद भड़काऊ और विवादास्पद बयान दिया है। एक रैली के दौरान, ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका में सोमाली समुदाय के लोगों को नहीं चाहते हैं। उन्होंने इन प्रवासियों पर यह आरोप लगाया कि वे अमेरिकी सामाजिक सुरक्षा प्रणाली पर निर्भर रहते हैं और देश की अर्थव्यवस्था या समाज में कोई महत्वपूर्ण योगदान नहीं देते हैं।

ट्रंप ने सीधे तौर पर कहा, "मैं उन्हें अपने देश में नहीं चाहता। आपका देश बदबू करता है और हम उन्हें यहां नहीं चाहते।" उनका तर्क था कि अगर उनका देश खराब है, तो उन्हें अमेरिका में रहने के बजाय वापस जाकर उसे खुद ठीक करना चाहिए। यह बयान राजनीतिक रूप से ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

सांसद इल्हान उमर पर व्यक्तिगत हमला

ट्रंप ने अपने हमले में सोमाली मूल की डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर को भी नहीं बख्शा, जो बचपन में सोमालिया से अमेरिका आई थीं। उन्होंने इल्हान उमर के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें "कूड़ा" बताया। ट्रंप के इस व्यक्तिगत हमले पर सांसद उमर ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया।

उन्होंने लिखा कि ट्रंप की उनके प्रति दीवानगी अजीब है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रपति को वह मदद मिले जिसकी उन्हें जरूरत है। ट्रंप का यह रुख हाल ही में वाशिंगटन में एक अफगान मूल के संदिग्ध की गोलीबारी की घटना के बाद और तेज हुआ है, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न देशों के प्रवासियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। उन्होंने मिनेसोटा को धोखाधड़ी वाले धन-शोधन का केंद्र भी बताया।

टीपीएस हटाने की चेतावनी और कानूनी विवाद

ट्रंप ने मिनेसोटा में रहने वाले सोमालियों के लिए अस्थायी सुरक्षा स्थिति (TPS) को हटाने का संकेत भी दिया है, हालांकि कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम लागू करना आसान नहीं होगा। रिपोर्टों के अनुसार, पूरे अमेरिका में TPS के तहत केवल 705 सोमाली नागरिक ही आते हैं, इसलिए इस नीति का वास्तविक प्रभाव बहुत सीमित है।

इस बीच, मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने ट्रंप के बयान की कड़ी आलोचना की है। मेयर फ्रे ने कहा कि यह बयान न केवल तथ्यों के विपरीत है, बल्कि सोमाली समुदाय का अपमान भी है, जिसने शहर की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सोमाली प्रवासियों ने यहां नए कारोबार स्थापित किए हैं, रोजगार के अवसर पैदा किए हैं और मिनियापोलिस की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया है। उन्होंने पूरे समुदाय को खलनायक बनाने की कोशिश को गलत और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के ये बयान चुनावी राजनीति में नफरत फैलाने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है, जो कानूनी और नैतिक दोनों ही मायनों में सवालों के घेरे में है।

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