नागपुर यूनिवर्सिटी में छात्र सभा आयोजित, कुलगुरु मनाली क्षीरसागर की विशेष उपस्थिती

Rashtrasant Tukadoji Maharaj Ideology: नागपुर विश्वविद्यालय में 20 दिसंबर 2025 को आयोजित पूर्व छात्र सभा में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
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नागपुर यूनिवर्सिटी में छात्र सभा आयोजित
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Nagpur University Event: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर के राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विचारधारा विभाग द्वारा 20 दिसंबर 2025 को विभाग के प्रार्थना सभागृह में एलुमनाई गेदरिंग (आजी-माजी छात्र सभा) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एवं अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर (वाइस चांसलर, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय) ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे तथा मानव्यविद्या विद्याशाखा के अधिष्ठाता प्रो. शाम कोरेटी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. उमेश पालीकुंडवार, मानविकी संकाय के पूर्व अधिष्ठाता एवं राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विचारधारा विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. दत्तात्रेय वाटमोडे, डॉ. गुरुप्रसाद पखमोडे, विभाग की प्रमुख डॉ. विजयलक्ष्मी थोटे, विभाग के वर्तमान एवं पूर्व विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के साहित्य पर शोध कार्य

अपने संबोधन में माननीय कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के साहित्य पर शोध कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. दत्तात्रेय वाटमोडे ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज का साहित्य केवल धार्मिक नहीं, बल्कि एक समृद्ध साहित्यिक धरोहर है, जिसका अध्ययन आज के समय की आवश्यकता है।

डॉ. गुरुप्रसाद पखमोडे ने वर्तमान एवं पूर्व छात्रों से राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के विचारों को समाज में फैलाने का आह्वान करते हुए कहा कि संत साहित्य का अध्ययन आज के सामाजिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत आवश्यक है।

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नागपुर यूनिवर्सिटी में छात्र सभा आयोजित

खुली चर्चा का आयोजन

विभागाध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी थोटे ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज का युवा वर्ग भटकाव का शिकार है और राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के विचार ही उसे सही दिशा प्रदान कर सकते हैं। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वर्तमान एवं पूर्व छात्रों के लिए राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर खुली चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. वर्षा पाटिल ने किया तथा डॉ. देवमन कामडी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर प्रो. डॉ. जयेंद्र मेश्राम, प्रो. राहुल उइके, प्रो. दिव्या राजुरकर, विभाग के विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम की सफलता के लिए अध्यासन प्रमुख विजयालक्ष्मी थोटे के मार्गदर्शन में प्रो. वर्षा पाटिल ने आयोजन कर कल्याणी मेश्राम ने विशेष परिश्रम किया।

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