

मुंबई/ नागपुर: विधानसभा चुनाव एकदम नजदीक हैं। इस बीच महायुति में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। शिवसेना शिंदे गुट के विधायक तानाजी सावंत ने बयान दिया था कि एनसीपी नेताओं के साथ बैठक के बाद वह बाहर आए और उल्टी कर दी। इसके बाद बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता गणेश हाके ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ गठबंधन को दुर्भाग्यपूर्ण गठबंधन बताते हुए इसकी आलोचना की। इससे महायुति के नेताओं और कार्यकर्ताओं में असमंजस का माहौल है।
इन सब पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने प्रतिक्रिया दी है। लाडली बहन कार्यक्रम के सिलसिले में नागपुर में हैं।अजित की जनसम्मान यात्रा काटोल विधानसभा क्षेत्र पहुंची। पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी शरद पवार गुट के नेता अनिल देशमुख ने 2019 में एनसीपी की टिकट पर काटोल निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी।
अजित पवार ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस से बात की है। अगर आप इसी तरह बात करते रहेंगे तो मेरे कार्यकर्ता भी प्रतिक्रिया देते रहेंगे।' हाके की बात का कोई मतलब नहीं है। मेरा काम चल रहा है। मैं इन जवाबों को महत्व नहीं देता।
इस माले में एनसीपी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा कि यह गणेश हाके की निजी राय है। वे टिकट चाहते थे। कॉल करने वाले इसके न मिलने से परेशान हो गए होंगे। गणेश हाके से पूछकर महागठबंधन का फैसला नहीं किया गया। महागठबंधन का धर्म निभाना अकेले राष्ट्रवादियों की जिम्मेदारी नहीं है।
एनसीपी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने गणेश हाके से अपील की कि वह इस तरह के बयानबाजी न करें क्योंकि उन्हें विधानसभा का टिकट नहीं मिला है। जहां हम महागठबंधन में काम कर रहे हैं, वहीं एनसीपी जमीन पर काम कर रही है। हमें लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स भी मिलता है। तो उसके पेट में दर्द होता है। वरिष्ठ स्तर पर बयान आने पर जवाब दिया जाएगा। जहां हमारे विधायक हैं वहां बीजेपी को कितने वोट मिले? आत्ममंथन करना चाहिए। उन्हें इस तरह के बयान देकर भ्रम पैदा नहीं करना चाहिए।