अजित पवार का प्लेन क्रैश एक्सीडेंटल होने पर शक! पायलट ट्रेनिंग ले चुके कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल

Nitin Raut Statement: कांग्रेस नेता और ट्रेंड पायलट डॉ. नितिन राउत ने अजित पवार की फ्लाइट घटना पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जांच की मांग की।
Suspicious Flight Accident
plane crash investigation (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Plane Accident: नेताओं के बार-बार दौरों और सीमित समय में अधिक बैठकों व कार्यक्रमों में शामिल होने की मजबूरी के चलते हेलीकॉप्टर और छोटे हवाई जहाज़ों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. नितिन राउत ने सवाल उठाया है कि क्या इन उड़ानों से पहले आवश्यक तकनीकी जांच पूरी गंभीरता से की जाती है।

नितिन राउत ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार से जुड़ी फ्लाइट से संबंधित कथित घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है।

नितिन राउत ने विस्तृत और तकनीकी जांच की मांग की

उन्होंने कहा कि समय की कमी के कारण कई नेता जल्दबाज़ी में हेलीकॉप्टर या छोटे विमान का उपयोग करते हैं, लेकिन किसी भी उड़ान से पहले विमान की संपूर्ण तकनीकी जांच, पायलट की लॉगबुक, मौसम रिपोर्ट और मेंटेनेंस रिकॉर्ड का परीक्षण अनिवार्य होना चाहिए। राउत ने मांग की कि यह जांच की जाए कि संबंधित घटना के समय इन सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। डॉ. राउत ने कहा, “अजित पवार राज्य के बेहद वरिष्ठ और महत्वपूर्ण नेता हैं। उनसे जुड़ी किसी भी घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह जानना ज़रूरी है कि मामला केवल तकनीकी खराबी का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण मौजूद है।”

किसी भी संदिग्ध घटना पर सवाल उठना स्वाभाविक: राउत

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में जब चुनावी तनाव, आरोप-प्रत्यारोप और दलों में टूट-फूट की राजनीति चल रही है, तब किसी भी संदिग्ध घटना पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसलिए, इस मामले में विशेषज्ञों से विस्तृत और तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।

गौरतलब है कि डॉ. नितिन राउत स्वयं पायलट ट्रेनिंग ले चुके हैं और उन्होंने एविएशन सेफ्टी से जुड़े कोर्स भी किए हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक नेताओं से अपील की कि समय के दबाव में सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए और हर उड़ान से पहले सभी तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।