फिलीपींस में जोरदार भूकंप, रिक्टर स्केल पर 6.0 की तीव्रता से कांपी धरती; मिंडानाओ द्वीप पर दहशत का माहौल

Philippines Earthquake: फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर बुधवार को 6.0 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। भूकंप का केंद्र जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई पर होने के कारण बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
A powerful earthquake struck the Philippines, with a magnitude of 6.0 on the Richter scale; creating panic on the island of Mindanao.
भूकंप की सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Philippines Earthquake News In Hindi: फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर बुधवार, 28 जनवरी 2026 को कुदरत का कहर देखने को मिला। दोपहर बाद यहां भूकंप के बेहद जोरदार झटके महसूस किए गए।

रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, इस भूकंप की सबसे चिंताजनक बात इसका केंद्र था जो सतह से केवल 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। आमतौर पर कम गहराई वाले भूकंप अधिक विनाशकारी साबित होते हैं।

कितना हुआ नुकसान?

भूकंप आने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अभी तक किसी की मौत या बड़े भौतिक नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। प्रशासन वर्तमान में प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण कर रहा है ताकि स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

फिलीपींस में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?

फिलीपींस में बार-बार आने वाले भूकंपों के पीछे इसके भौगोलिक हालात की अहम भूमिका है। यह देश प्रशांत महासागर के प्रसिद्ध 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जिसे दुनिया के सबसे अधिक सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय इलाकों में गिना जाता है। इस क्षेत्र में कई टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकराती रहती हैं। इन प्लेटों की निरंतर हलचल के कारण पृथ्वी की सतह के भीतर तनाव पैदा होता है, जो समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलता है। इसी वजह से फिलीपींस में अक्सर हल्के से लेकर तेज तीव्रता तक के भूकंप महसूस किए जाते हैं। इसके अलावा, इसी क्षेत्र में कई सक्रिय ज्वालामुखी भी मौजूद हैं जो इस इलाके को और अधिक संवेदनशील बनाते हैं।

फिलीपींस में भूकंप के गहरे जख्म

फिलीपींस के इतिहास में भूकंपों ने बार-बार गहरे जख्म छोड़े हैं। प्राकृतिक आपदाओं की यह श्रृंखला देश के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। अक्टूबर 2013 में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 220 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। इस भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

इन्हीं पुराने अनुभवों और खतरों को ध्यान में रखते हुए, हाल ही में आए ताजा भूकंप के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। तटीय क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में तुरंत चेतावनी जारी कर दी गई है ताकि किसी भी संभावित खतरे से लोगों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

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