मुझे सम्मान नहीं मिल रहा था, अभिषेक मुझे मेरी याद दिलाते हैं...युवराज सिंह ने दिया पुराने वक्त को किया याद

Yuvraj Singh: युवराज सिंह ने पूर्व दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा के यूट्यूब शो में बातचीत के दौरान अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी और अपने इंटरनेशनल करियर से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं।
मुझे सम्मान नहीं मिल रहा था, अभिषेक मुझे मेरी याद दिलाते हैं...युवराज सिंह ने दिया पुराने वक्त को किया याद
सानिया मिर्जा, युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा (फोटो- सोशल मीडिया)
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Yuvraj Singh on Sania Mirza YouTube Channel: टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें क्रिकेट खेलने में मजा नहीं आ रहा था और पहले जैसा सम्मान भी महसूस नहीं हो रहा था। युवराज के मुताबिक, जब उन्हें लगा कि वह अब टीम के लिए पहले जैसा योगदान नहीं दे पा रहे हैं, तब उन्होंने खेल को अलविदा कहने का फैसला लिया। यह खुलासा उन्होंने पूर्व दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा के यूट्यूब शो ‘सर्विंग इट अप विद सानिया’ में बातचीत के दौरान किया।

अभिषेक शर्मा को लेकर युवी का खास रिश्ता

इस बातचीत में युवराज सिंह ने टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर भी खुलकर बात की। युवराज को अभिषेक का मेंटॉर माना जाता है। युवी ने कहा कि अभिषेक की बल्लेबाजी देखकर उन्हें अपना शुरुआती दौर याद आता है, क्योंकि दोनों का बैटिंग स्टाइल काफी हद तक मिलता-जुलता है। युवराज का मानना है कि अभिषेक में वह काबिलियत है, जो उसे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट में टिके रहने में मदद कर सकती है।

चार साल तीन महीने की मेहनत का नतीजा

युवराज सिंह ने बताया कि अभिषेक शर्मा की सफलता रातों-रात नहीं आई है। उन्होंने सानिया को बताया कि अभिषेक की विस्फोटक बल्लेबाजी एक या दो महीने की मेहनत का नतीजा नहीं, बल्कि पूरे चार साल और तीन महीने की लगातार तैयारी का परिणाम है। युवराज ने कहा कि उन्होंने अभिषेक के लिए एक लंबी योजना बनाई थी। उन्होंने साफ कहा था कि वह उसे सिर्फ आईपीएल या रणजी ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि भारत के लिए खेलने के लिए तैयार कर रहे हैं। अभिषेक ने चार साल तक वही किया, जो उन्हें बताया गया और ठीक चार साल तीन महीने में वह टीम इंडिया का हिस्सा बन गया।

धोनी की बात और संन्यास का फैसला

युवराज ने अपने रिटायरमेंट से जुड़ा एक अहम किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय महेंद्र सिंह धोनी ने उनसे साफ कह दिया था कि वह टीम की फ्यूचर प्लानिंग का हिस्सा नहीं हैं। युवराज के अनुसार, उस दौर में उन्हें खुद अपना करियर बोझ लगने लगा था। उन्हें न खेल में आनंद मिल रहा था और न ही वह सम्मान महसूस हो रहा था, जिसके वह हकदार थे। इसी मानसिक स्थिति में उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।

कैंसर के बाद बदला करियर का ग्राफ

युवराज सिंह 2011 वर्ल्ड कप जीत के नायक रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा। इलाज के बाद उन्होंने वापसी तो की, लेकिन पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर सके। खासतौर पर 2014 से 2017 के बीच उनका दौर काफी संघर्षपूर्ण रहा। हालांकि 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ 150 रन की यादगार पारी खेली, लेकिन निरंतरता नहीं आ सकी। अंततः उन्होंने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।

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