थिएटर में फ्लॉप, अब ओटीटी पर आजमाएगी किस्मत, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ कब और कहां होगी स्ट्रीम?

Ikkis On Ott: धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म थिएटर में खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन फिल्म ‘इक्कीस’अब ओटीटी पर रिलीज के लिए तैयार है। ऐसे में चलिए जानते हैं कब और किस प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी।
Dharmendra Last Movie Ikkis On OTT Release Date
धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Dharmendra Last Movie Ikkis On OTT Release Date: दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ को लेकर दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच काफी उम्मीदें थीं। यह फिल्म न सिर्फ एक वॉर ड्रामा थी, बल्कि भारतीय सेना के जांबाज अफसर अरुण खेत्रपाल के शौर्य और बलिदान को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश भी थी। निर्देशक श्रीराम राघवन की इस फिल्म को रिव्यू तो सराहनीय मिले, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।

दरअसल, फिल्म 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन थिएटर में दर्शकों को खींचने में नाकाम रही। अब जबकि इसकी सिनेमाई यात्रा लगभग खत्म हो चुकी है, दर्शकों की नजरें इसकी ओटीटी रिलीज पर टिकी हुई हैं। ऐसे में हाल ही में फिल्म के ओटीटी रिलीज डेट से खुलासा हो गया है, तो चलिए जानते हैं कब और कहां स्ट्रीम होगी...

OTT पर कब और कहां रिलीज होगी ‘इक्कीस’?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के डिजिटल राइट्स पहले ही अमेजन प्राइम वीडियो ने खरीद लिए थे। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि ‘इक्कीस’ इसी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम की जाएगी। जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2026 को फिल्म को रेंट फॉर्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं 26 मार्च 2026 से यह सब्सक्रिप्शन बेस पर स्ट्रीम की जा सकती है। हालांकि, अभी तक मेकर्स या अमेजन प्राइम वीडियो की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा प्रदर्शन?

अगर फिल्म की कमाई की बात करें तो ‘इक्कीस’ का प्रदर्शन औसत से भी कमजोर रहा। फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन करीब 28 करोड़ रुपये रहा जबकि वर्ल्डवाइड कमाई लगभग 36 करोड़ रुपये के आसपास सिमट गई। इतनी दमदार कहानी और मजबूत कास्ट के बावजूद फिल्म दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव नहीं बना पाई।

क्या है फिल्म ‘इक्कीस’ की कहानी?

आपको बता दें कि ‘इक्कीस’ भारतीय सेना के सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। महज 21 साल की उम्र में शहीद हुए अरुण खेत्रपाल को उनके बलिदान के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। फिल्म में इस वीर गाथा को भावनात्मक और यथार्थवादी अंदाज में दिखाने की कोशिश की गई है।

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