नागपुर ACB की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: लाइसेंस रिन्यू करने के बदले 30 हजार की रिश्वत लेते चीफ इंजीनियर गिरफ्तार
Nagpur Bribery Case: नागपुर एसीबी ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को ठेकेदार से लाइसेंस नवीनीकरण के बदले 30 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर एसीबी, रिश्वतखोरी, मुख्य अभियंता, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur ACB Bribery Case: नागपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। ठेकेदार का लाइसेंस रिन्यू करने के एवज में 30,000 रुपये बतौर रिश्वत लेते महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को रंगेहाथ पकड़ा गया। एसीबी की कार्रवाई से पूरे सरकारी विभाग में हड़कंप मच गया, लंबे समय बाद कोई क्लास-1 ऑफिसर एसीबी के हत्थे चढ़ा है। पकड़ा गया आरोपी सुभाष बबन भुजबल बताया गया। सुभाष महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के नागपुर प्रादेशिक कार्यालय में चीफ इंजीनियर है।
लाइसेंस नवीनीकरण के बदले मांगी रिश्वत, ठेकेदार ने की शिकायत
शिकायतकर्ता कॉन्ट्रैक्टर हैं और शासकीय विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले काम करते हैं। नियमित काम करने वाले ठेकेदारों को विभागों द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है। शिकायतकर्ता ने जीवन प्राधिकरण विभाग में भी काम किए थे। इस वर्ष उन्हें अपने लाइसेंस का नूतनीकरण करवाना था। इसके लिए उन्होंने प्राधिकरण की साइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था, इसके साथ ही सभी दस्तावेज लेकर खुद सिविल लाइंस स्थित जीवन प्राधिकरण प्रादेशिक कार्यालय में भी आवेदन देने गए थे। यहां उनकी मुलाकात भुजबल से हुई। उसने लाइसेंस रिन्यू करने के एवज में 30,000 रुपये की मांग की।
30 हजार की रिश्वत लेते कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई
ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की, एसीबी ने शिकायत की सत्यता का पता लगाने के लिए वेरिफिकेशन किया जिसमें दोबारा भुजबल ने रुपयों की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को एसीबी ने उसे रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया, दोपहर को शिकायतकर्ता ने भुजबल से मुलाकात की, उसने अपने कार्यालय में ही शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये लिए, पंच के समक्ष एसीबी की टीम ने भुजबल को रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया।
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उसके खिलाफ सदर थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी दिगांबर प्रधान, एडिश्नल एसपी माधुरी बाविस्कर और विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में डीवाईएसपी भारती गुरनुले, इंस्पेक्टर जितेंद्र वैरागड़े, हेड कांस्टेबल अस्मिता मेश्राम, करुणा सहारे, गीता चौधरी, आशीष वैद्य, प्रफुल भातुलकर, होमेश्वर वाइलकर, स्वाति हिंडोरिया और राजेंद्र जांभुलकर ने कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी खुद या किसी एजेंट के माध्यम से नियमित काम की एवज में रिश्वत मागे तो बिना डरे एसीबी से शिकायत करें।
