जीवन प्राधिकरण के 100 सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन 6 माह से अटकी, लेखा शीर्ष बंद होने से गहराया आर्थिक संकट

Gondia News: महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सेवानिवृत्त अधिकारियों को पिछले 6 महीनों से पेंशन नहीं मिल रही है। इस देरी से वरिष्ठ नागरिकों में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है।
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Maharashtra Civil Services: गोंदिया महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को पिछले 6 महीनों से पेंशन नहीं मिलने से उनमें भारी असंतोष फैल गया है। जीवन के स्वर्णिम वर्ष सार्वजनिक सेवा में बिताने वाले लोग अपनी वृद्धावस्था में आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

उन्हें मार्च2026 माह की पेंशन भी अब तक नहीं मिली है, जिससे उनकी स्थिति और गंभीर हो गई है। जानकारी के अनुसार, पेंशन भुगतान के लिए उपयोग किए जानेवाले लेखा शीर्ष को मंजूरी देने की जिम्मेदारी पानी आपूर्ति और स्वच्छता विभाग की है।

समय पर इसकी अवधि बढ़ाने या स्वीकृति न मिलने के कारण 31 मार्च को महालेखाकार द्वारा यह लेखा शीर्ष बंद कर दिया गया। इसके चलते पेंशन के लिए आवश्यक धन उपलब्ध नहीं हो सका और 100 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन रुक गई।

विशेष रुप से 23 मार्च 2017 के शासन निर्णय के अनुसार प्राधिकरण के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की जिम्मेदारी सरकार ने स्वीकार की थी। साथ ही उन्हें राज्य सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन 9 वर्षों के बाद भी यह प्रक्रिया अधूरी है। पेंशन के लिए अलग लेखा शीर्ष न होने से समस्या और बढ़ गई है। इस देरी का सबसे अधिक असर वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ा है।

आंदोलन करने की दी चेतावनीइलाज के लिए धन समय पर न मिलने से स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। कई लोग कर्ज के बोझ में दवे हैं और समय पर किस्त न भरने से ब्याज बढ़ रहा है। विशेषकर चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्थिति अत्यंत दयनीय है।

सेवानिवृत्तों ने मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग को ज्ञापन देकर मांग की है कि उन्हे पेंशन हर महीने की पहली तारीख को नियमित रुप से मिले, इसके लिए स्थायी लेखाशीर्ष बनाया जाए और चेतावनी दी है कि प्रशासन की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन किया जाएगा।

आय का एकमात्र स्रोत पेंशनमहाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समस्या केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियों को दर्शाती है, वर्षों तक सेवा देने के बाद वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है।

गोंदिया जिले के सेवानिवृत्त कर्मियों ने बताया कि पेंशन सेवानिवृत्त लोगों के लिए आय का एकमात्र स्रोत है। इसके रुकने से वे आवश्यक खर्च नहीं कर पा रहे हैं और कहा कि सरकार द्वारा 2017 में लिया गया निर्णय अब तक लागू नहीं किया गया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं। पेशनभोगियों ने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह विकराल रुप धारण कर सकती है।

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