Maharashtra factory blast (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Factory Blast News In Maharashtra Assembly: महाराष्ट्र विधान मंडल के चल रहे बजट सत्र के दौरान गुरुवार को विधानसभा में नागपुर की एक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
इस हादसे में 22 मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। विपक्षी नेताओं ने सदन में कहा कि विस्फोटक सामग्री बनाने वाली कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते।
ऐसे उद्योगों में जोखिम अधिक होता है, इसलिए सख्त सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि यदि फैक्ट्री में पहले से सुरक्षा संबंधी समस्याएं थीं, तो समय रहते कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
इस पर जवाब देते हुए राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ पहले भी छह बार मामले दर्ज किए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा समय-समय पर फैक्ट्री का सेफ्टी ऑडिट भी किया गया था। इसके बावजूद यह गंभीर हादसा हुआ, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
मंत्री ने सदन में बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने संबंधित फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और जहां आवश्यक होगा वहां नियमों को और सख्त किया जाएगा।
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विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी विस्फोटक और खतरनाक उद्योगों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। सरकार ने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।