AIMIM BMC Election Results 2026: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों के बाद एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने इसे ‘विकास की जीत’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन नेताओं को नकार दिया है जो दशकों से सत्ता में थे लेकिन जमीन पर काम नहीं कर रहे थे।
बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता वारिस पठान ने सबसे पहले ऊपरवाले और जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह जीत केवल बातों या ‘बकवास’ करने वालों की नहीं, बल्कि धरातल पर हुए विकास की जीत है। पठान के अनुसार, महाराष्ट्र की आवाम ने असदुद्दीन ओवैसी के काम करने के तरीके और उनकी ‘मजलिस इत्तहादुल मुस्लिमीन’ की विचारधारा को पसंद किया है। उनका मानना है कि यह जीत केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, हक की हिस्सेदारी और राजनीतिक सशक्तिकरण (Political Empowerment) की जीत है।
वारिस पठान ने मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों (जैसे मुमरा) में लंबे समय से काबिज राजनीतिक घरानों और नेताओं पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जो इंसान 30-30 सालों से सियासत में है और फिर भी काम नहीं कर रहा, उसे जनता ने कड़ा जवाब दिया है,। पठान के मुताबिक, लोग इन पुराने नेताओं से पूरी तरह ऊब चुके थे क्योंकि दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़कों का निर्माण और गटर-नाली की साफ-सफाई जैसे काम नहीं हो पा रहे थे। जनता ने अब यह फैसला कर लिया है कि वे केवल उसी के साथ जाएंगे जो उनके लिए काम करेगा, और इसी वजह से मजलिस की ताकत आज पूरे महाराष्ट्र में उभरकर सामने आई है।
AIMIM BMC Election Results 2026: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों के बाद एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने इसे ‘विकास की जीत’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन नेताओं को नकार दिया है जो दशकों से सत्ता में थे लेकिन जमीन पर काम नहीं कर रहे थे।
बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता वारिस पठान ने सबसे पहले ऊपरवाले और जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह जीत केवल बातों या ‘बकवास’ करने वालों की नहीं, बल्कि धरातल पर हुए विकास की जीत है। पठान के अनुसार, महाराष्ट्र की आवाम ने असदुद्दीन ओवैसी के काम करने के तरीके और उनकी ‘मजलिस इत्तहादुल मुस्लिमीन’ की विचारधारा को पसंद किया है। उनका मानना है कि यह जीत केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, हक की हिस्सेदारी और राजनीतिक सशक्तिकरण (Political Empowerment) की जीत है।
वारिस पठान ने मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों (जैसे मुमरा) में लंबे समय से काबिज राजनीतिक घरानों और नेताओं पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जो इंसान 30-30 सालों से सियासत में है और फिर भी काम नहीं कर रहा, उसे जनता ने कड़ा जवाब दिया है,। पठान के मुताबिक, लोग इन पुराने नेताओं से पूरी तरह ऊब चुके थे क्योंकि दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़कों का निर्माण और गटर-नाली की साफ-सफाई जैसे काम नहीं हो पा रहे थे। जनता ने अब यह फैसला कर लिया है कि वे केवल उसी के साथ जाएंगे जो उनके लिए काम करेगा, और इसी वजह से मजलिस की ताकत आज पूरे महाराष्ट्र में उभरकर सामने आई है।






