‘कांग्रेस में कुछ नहीं बचा, धनुष-बाण उठाएं!’ वडेट्टीवार को मंत्री उदय सामंत का खुला ऑफर
Uday Samant Offers Wadettiwar: विजय वडेट्टीवार को शिवसेना में आने का मंत्री उदय सामंत का खुला ऑफर। कांग्रेस पर प्रहार, धनुष-बाण थामने की अपील और राजनीतिक संदेश तेज।
- Written By: आंचल लोखंडे
वडेट्टीवार को मंत्री उदय सामंत का खुला ऑफर (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Vidarbha Political News: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और मंत्री उदय सामंत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला आमंत्रण दिया है। सामंत ने कहा कि विदर्भ के एक मजबूत नेतृत्व के रूप में वडेट्टीवार को शिवसेना में पूरा मान-सम्मान मिलेगा।
मीडिया से बातचीत करते हुए सामंत ने कहा, “कांग्रेस में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है। हम विजय वडेट्टीवार को शिवसेना में उचित मान-सम्मान देंगे, क्योंकि वे विदर्भ के एक अच्छे नेता हैं। इसलिए उन्हें अपने कंधे पर धनुष-बाण उठाना चाहिए।” सामंत का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब विजय वडेट्टीवार लगातार महायुति सरकार पर तीखे प्रहार कर रहे हैं।
खुशहाल जीवन चुनने का सुझाव
सामंत ने महायुति में शामिल होकर ‘खुशहाल जीवन’ चुनने का मंत्र देते हुए कहा कि उन्होंने वडेट्टीवार से शिवसेना का धनुष-बाण हाथ में लेने का आग्रह किया है। वडेट्टीवार की ‘लंका’ वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए सामंत ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि रावण था तो लंका बुरी थी, ऐसा नहीं है। शायद विजय वडेट्टीवार ने इतिहास नहीं पढ़ा होगा। इसलिए मेरी उन्हें सलाह है कि वे शिवसेना में आएं।”
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र कौशल विकास योजना के तहत ₹7,000 करोड़ के महाप्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, TATA ग्रुप संवारेगा ITI
प्रताप सरनाईक का ऐलान; महाराष्ट्र में अवैध यात्री परिवहन के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई, चलेंगी 8,300 नई बसें
Maharashtra Stamp Duty Scam; राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा- दोषी अधिकारी होंगे बर्खास्त,राज्य में जांच के आदेश
कहीं आपके साथ ट्रेन में सफर तो नहीं कर रहे किंग कोबरा! जनशताब्दी एक्सप्रेस में मिला अजगर, क्या है इसकी वजह?
सिद्धराम म्हेत्रे का उदाहरण
सामंत ने अपने आग्रह को मजबूत करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता सिद्धराम म्हेत्रे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि म्हेत्रे लगभग 60 वर्षों तक कांग्रेस में रहे और वडेट्टीवार से भी पहले से पार्टी से जुड़े थे। जब म्हेत्रे राजनीति से अलग होने का विचार कर रहे थे, तब उन्हें केवल एक ही आशा की किरण दिखाई दी और वह थे एकनाथ शिंदे।सामंत ने विश्वास व्यक्त किया, “हमें पूरा यकीन है कि विजय वडेट्टीवार को भी भविष्य में यही आशा की किरण दिखाई देगी।”
ये भी पढे़: शराब तस्करी पर नकेल, चंद्रपुर मार्ग सहित प्रमुख स्थानों पर पथक तैनात, नाकाबंदी और वाहनों की जांच
पुराना शिवसेना कनेक्शन
गौरतलब है कि विजय वडेट्टीवार कभी शिवसेना में ही थे। वे पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के करीबी माने जाते थे। जब राणे ने शिवसेना छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था तब वडेट्टीवार भी उनके साथ कांग्रेस में आ गए थे। तभी से वे कांग्रेस में सक्रिय हैं और महाविकास अघाड़ी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
