Uddhav Thackeray :नगर निगम चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Mayor Election: राज्य में 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं। चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस बार वे सभी नगर निगमों में प्रचार नहीं कर पाए, इसके बावजूद पार्टी को कई जगह सफलता मिली है। चंद्रपुर में शिवसेना के कॉर्पोरेटर चुने गए हैं, वहीं परभणी में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव परिणामों पर संतोष जताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में शिवशक्ति को वोट देने वाले मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव बेहद गंदे तरीके से लड़े गए और साम, दाम, दंड, भेद जैसे सभी हथकंडे अपनाए गए। ठाकरे ने दोहराया, “हम मुंबई का मेयर बनना चाहते थे और अब भी चाहते हैं, लेकिन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। इसके बावजूद हमारी सफलता ने विरोधियों के पसीने छुड़ा दिए।”
उन्होंने सवाल उठाया कि शिवाजी पार्क में उनकी सभाओं में भीड़ उमड़ती थी, जबकि विरोधियों की बैठकों में कुर्सियां खाली रहती थीं। “फिर भी अगर हमें वोट नहीं मिले, तो क्या उन्होंने खाली कुर्सियों से वोट डलवाए?” ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के निर्वाचित प्रतिनिधि मुंबई महानगरपालिका में जाकर प्रशासन से सवाल पूछेंगे कि खजाना कैसे खाली किया गया। “भगवान चाहेंगे तो मेयर हमारा होगा, मेवा का नहीं,” कहते हुए उन्होंने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा।
ठाकरे ने कहा कि उनके कई चुने हुए कॉर्पोरेटरों को होटल में रखा गया। “जो आज तोड़फोड़ कर रहे हैं, उन्हें डर है कि कहीं उनके लोग न टूट जाएं,” कहते हुए उन्होंने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के नाम और विचारों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
ये भी पढ़े: ‘धुरंधर देवेंद्र’ के पोस्टर्स से सजी मुंबई, महाराष्ट्र की सियासत के ‘किंग’ बनें फडणवीस, देखें VIDEO
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना भवन वार्ड पार्टी ने अपने दम पर जीता है और इसमें किसी अन्य दल की मदद नहीं ली गई। शिवसेना-मनसे गठबंधन पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि भविष्य में साथ आने में कोई आपत्ति नहीं है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुंबई में 54 कॉर्पोरेटर हारने के बावजूद 65 कॉर्पोरेटर चुने गए हैं। पार्टी और चुनाव चिह्न को लेकर 21 और 22 तारीख को होने वाली सुनवाई पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने सवाल उठाया, “अगर पार्टी और सिंबल चला गया, तो वजूद क्या रहेगा?”