नागपुर: मास्टर प्लान में एथलेटिक्स ट्रैक को ‘साइड ट्रैक’ करने पर उठे सवाल, खिलाड़ियों में नाराजगी
Nagpur Sports News: मानकापुर स्पोर्ट्स हब के मास्टर प्लान में एथलेटिक्स की अनदेखी पर सवाल। वॉर्मअप एरिया में अन्य खेलों के मैदान बनाने और तकनीकी राय न लेने से स्थानीय खिलाड़ियों और संघ में भारी रोष।
- Written By: रूपम सिंह
मानकापुर स्पोर्ट्स हब का मास्टर प्लान (सौ. नवभारत)
Nagpur District Athletics Association: मानकापुर स्पोर्ट्स हब का मास्टर प्लान शहर के खेल ढांचे को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस, सॉफ्टबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए तैयार हो रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम इस प्रोजेक्ट को महत्वाकांक्षी बनाते हैं लेकिन इसी मास्टर प्लान को लेकर अब कुछ महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आने लगे हैं,
खासतौर पर एथलेटिक्स को लेकर। मास्टर प्लान का अध्ययन करने पर यह सामने आ रहा है कि सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक को साइड ट्रैक कर दिया गया है। इसे मुख्य योजना से अलग कर रिडेवलपमेंट के तहत शामिल करने की बात कही जा रही है। यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य खेलों के लिए नए स्टेडियम एक साथ विकसित किए जा रहे हैं, तो एथलेटिक्स जैसे बुनियादी खेल को अलग क्यों रखा गया है।
जगह में कटौती का मुद्दा
मौजूदा योजना के अनुसार, एथलेटिक्स के लिए आरक्षित क्षेत्र पहले की तुलना में कम होता दिखाई दे रहा है।
इतना ही नहीं, ट्रैक के आसपास अभ्यास और वार्मअप के लिए जो सीमित जगह उपलब्ध थी, वह भी अब खत्म होती प्रतीत हो रही है। इन स्थानों पर खो-खो के दो मैदान, बास्केटबॉल के दो कोर्ट और कबड्डी के दो ग्राउंड बनाए जा रहे है।
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सबसे बुनियादी खेल पर सवाल
एथलेटिक्स को सभी खेलों की आधारशिला माना जाता है। शहर में भी देखा जाए तो सबसे अधिक पदक एथलेटिक्स स्पर्धाओं में ही आते हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े स्पोट्र्स हब में एथलेटिक्स को पर्याप्त स्थान न मिलना स्वाभाविक रूप से सवाल खड़ा करता है। स्थानीय धावकों और खिलाड़ियों के बीच इसको लेकर निराशा का माहौल भी देखा जा रहा है।तकनीकी राय ली गई या नहीं?
सूत्रों के अनुसार, मास्टर प्लान में शामिल विभिन्न स्टेडियमों के मापदंड तय करते समय न तो किसी तकनीकी समिति से विस्तृत परामर्श लिया गया और न ही संबंधित खेल संघों की राय को औपचारिक रूप से शामिल किया गया। अगर यह सही है, तो यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या बनने वाले स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर पाएंगे?
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अब अधिकारियों ने मामले में साध ली चुप्पी
इस पूरे मामले में एक और पहलू ध्यान खींच रहा है। स्पोर्ट्स हब से जुड़े स्थानीय अधिकारी अब मीडिया के सवालों से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया जा रहा और वाट्सएप पर संदेश देखने के बावजूद प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। यह चुप्पी भी अपने आप में कई सवाल खड़े कर रही है।
खिलाड़ियों की प्राथमिकता को ध्यान रखना होगा
मानकापुर स्पोर्ट्स हब निश्चित रूप से शहर के खेल विकास के लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन योजना का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। क्या एथलेटिक्स को पर्याप्त प्राथमिकता मिलेगी? क्या खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान में बदलाव होंगे? – सिंथेटिक ट्रैक का पुनर्विकास कर इसे किस लेवल का बनाया जाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की दिशा तय करेंगे।
एथलीट के वार्मअप के लिए आरक्षित रहे जगह
नागपुर जिला एथलेटिक्स संघ के वरिष्ठ सह सचिव सिंथेटिक रामचंद्र वाणी ने बताया की ट्रैक परिसर के कंपाउंड में खाली जगह जो कि वॉर्मअप एरीना के तहत उपयोग में लायी जाती है वहां पर नए रिन्यूएशन प्लान में खो-खो, कथड्डी और बास्केटबॉल के लिए आरक्षित की हुई दिखाई देती है। यह जगह एथलीट के वॉर्मअप के लिये ही आरक्षित रखी जाए। वहां अन्य खेलों के मैदान न हों।
साथ ही ट्रैक को जाली वाला कंपाउंड होना अत्यंत आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में टॉयलेट और चेंजिंग रूम की भी आवश्यकता है। फ्लड लाइट के निर्माण से ट्रैक और फील्ड इवेंट डे-नाइट लिये जा सकते हैं,
