भाई की आखिरी इच्छा थी कि हम साथ रहें… पवार परिवार और NCP की एकजुटता पर सुप्रिया सुले का बड़ा खुलासा
Supriya Sule Press Conference: सुप्रिया सुले ने भाई की अंतिम इच्छा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जानें क्यों अब NCP के दोनों गुटों के एक साथ आने की संभावनाओं पर पूरी तरह विराम लग गया है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सुप्रिया सुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Supriya Sule Statement: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद चंद्र पवार की कद्दावर नेता सुप्रिया सुले ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई महत्वपूर्ण और भावनात्मक मुद्दों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उनके इस बयान ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि पार्टी के भीतर की एकजुटता और पारिवारिक बंधनों की एक नई और मार्मिक तस्वीर भी पेश की है।
पार्टी में फूट और सांसदों के टूटने की खबरों पर सुप्रिया सुले ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके पास अफवाहों और गपशप में शामिल होने के लिए फालतू समय नहीं है। सुले ने मीडिया और ‘सूत्रों’ के हवाले से चल रही खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, मैं सूत्रों पर विश्वास नहीं करती, मैं वास्तविकता पर विश्वास करती हूँ। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह भरोसा दिलाया कि राकांपा शरद चंद्र पवार के सभी आठ सांसद और सभी विधायक पूरी तरह से एक साथ हैं और एकजुट होकर खड़े हैं।
शरद पवार: एक नेता जो सबको सुनता है
पार्टी की कार्यप्रणाली और शरद पवार के नेतृत्व पर चर्चा करते हुए सुप्रिया ने एक महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने बताया कि शरद पवार की सबसे बड़ी ताकत उनका एक ‘बेहतरीन श्रोता’ (amazing listener) होना है। उनके अनुसार, पवार साहब केवल पार्टी का नेतृत्व ही नहीं करते, बल्कि वे हर व्यक्ति में अपना समय और विश्वास निवेश करते हैं। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले वे हर विधायक और सांसद से बात करते हैं और उनकी राय सुनते हैं। यही कारण है कि पार्टी के भीतर लोकतंत्र और आपसी विश्वास बना हुआ है।
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भाई की अंतिम इच्छा और संवाद का अंत
इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे भावुक और चौंकाने वाला हिस्सा वह था जब सुप्रिया सुले ने अपने भाई के बारे में बात की। सूत्रों के अनुसार, सुले ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनके भाई की यह आखिरी इच्छा थी कि राकांपा के दोनों गुट फिर से एक साथ आएं और मिलकर काम करें। उन्होंने स्वीकार किया कि जब तक उनके भाई जीवित थे, तब तक बातचीत के द्वार शत-प्रतिशत खुले थे।
सुप्रिया ने बेहद भावुक होते हुए कहा, मेरे भाई की आखिरी इच्छा थी कि हम सभी साथ आएं। दुर्भाग्य से, मेरे भाई का निधन हो गया। इसलिए अब इस बातचीत को आगे बढ़ाने का कोई कारण नहीं बचा है। उनके इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि भाई के जाने के साथ ही अब साथ आने की उन संभावनाओं पर भी विराम लग गया है जो कभी चर्चा का विषय थीं।
VIDEO | Mumbai: Responding to a question during a press conference, NCP (SP) leader Supriya Sule, says, “… I don’t have so much spare time to indulge in gossip. I don’t believe in sources, I believe in reality. Let me reassure you that all 8 MPs of NCP(SP) and all our MLAs, we… pic.twitter.com/mGHrB8NE5v — Press Trust of India (@PTI_News) July 15, 2026
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NDA के साथ गठबंधन पर दोटूक जवाब
एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर सुप्रिया सुले ने साफ किया कि इस मुद्दे पर न तो कोई चर्चा हो रही है और न ही कोई प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह चर्चा केवल टेलीविजन पर हो रही है, पार्टी या संगठन के भीतर नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह केवल अपनी पार्टी के कैडर के प्रति जवाबदेह हैं और किसी और को स्पष्टीकरण देना जरूरी नहीं समझतीं।
सुप्रिया सुले का यह बयान आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है, विशेषकर उनके भाई की अंतिम इच्छा और पार्टी की भविष्य की दिशा को लेकर। फिलहाल, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि शरद पवार के नेतृत्व में उनकी पार्टी पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ खड़ी है।
