'ऑपरेशन टाइगर-3' की चर्चाओं से नाराज सुप्रिया सुले; बोलीं- हमें सिर्फ मनसे में भेजना बाकी रह गया है

Nashik Operation Tiger 3: नासिक में सांसद सुप्रिया सुले ने दल-बदल की चर्चाओं पर तंज कसते हुए कहा कि अब राकां के सांसदों को ट्रंप के नेतृत्व में इंटरनेशनल कर दीजिए।
Supriya Sule upset over talk of 'Operation Tiger-3'; says, "The only thing left is for us to be sent to the MNS."
सुप्रिया सुले (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Nashik Operation Tiger 3 Supriya Sule: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने लगातार सामने आ रही दल-बदल की चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अटकलों में नेताओं को इस तरह पेश किया जा रहा है, मानो वे कोई "वस्तु" हों। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तो बस उन्हें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) में भेजना बाकी रह गया है।

नासिक में यशवंतराव चव्हाण सेंटर द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय युवा पुरस्कार समारोह में बोलते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि इस तरह की चर्चाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे जनप्रतिनिधियों की छवि प्रभावित होती है।

'हमारा व्हॉट्सऐप ग्रुप भी चर्चा में आ गया'

सुप्रिया सुले ने कहा, "हमारे आठ सांसदों का एक व्हॉट्सऐप ग्रुप है। अब हमें सिर्फ मनसे में भेजना बाकी रह गया है। हमें एक वस्तु की तरह बना दिया गया है। इससे हम परेशान हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"

उन्होंने आगे व्यंग्य करते हुए कहा, "अब राकां के सांसदों को इंटरनेशनल कर दो, ट्रंप के नेतृत्व में राकां काम करेगी।" उनके इस बयान को लगातार चल रही राजनीतिक अटकलों पर करारा जवाब माना जा रहा है।

'ऑपरेशन टाइगर-3' की चर्चाओं के बीच बयान

हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि शिवसेना (शिंदे गुट) कथित तौर पर 'ऑपरेशन टाइगर-3' की तैयारी कर रही है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें हैं कि इस अभियान के तहत उद्धव ठाकरे गुट के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के कुछ विधायक और सांसद भी निशाने पर हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक अफवाहों पर जताई चिंता

सुप्रिया सुले ने कहा कि बिना किसी तथ्य के नेताओं के दल बदलने की चर्चाएं लगातार फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की अफवाहें लोकतांत्रिक राजनीति के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com