- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Shiv Sena Dispute Supreme Court Hearing April 29 Uddhav Vs Shinde
शिवसेना के नाम और निशान की जंग, 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में महामुकाबला, क्या पलट जाएगी महाराष्ट्र की बाजी?
Shiv Sena Dispute: शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह (धनुष-बाण) विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अप्रैल 2026 को अंतिम सुनवाई होगी। क्या उद्धव ठाकरे को मिलेगा अपना हक? पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
- Written By: गोरक्ष पोफली

उद्धव ठाकरे व एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Supreme Court Judgement On 29 April 2026: महाराष्ट्र की राजनीति की सबसे जटिल और लंबी कानूनी लड़ाई अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गई है। शिवसेना के नाम और उसके ऐतिहासिक चुनाव चिन्ह ‘धनुष-बाण’ को लेकर चल रहे विवाद (Shiv Sena Dispute) पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए 29 अप्रैल 2026 की तारीख मुकर्रर कर दी है। पिछले तीन वर्षों से लंबित यह मामला न केवल दो राजनीतिक गुटों के अस्तित्व की लड़ाई है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र में ‘पार्टी पर अधिकार’ के संवैधानिक मानकों की भी परीक्षा है।
तीन साल की लंबी कानूनी जद्दोजहद
जून 2022 में शिवसेना के भीतर जो भूकंप आया था, उसके झटके आज भी महसूस किए जा रहे हैं। एकनाथ शिंदे की अगुवाई में हुई बगावत ने न केवल महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार को गिरा दिया, बल्कि बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित संगठन के दो फाड़ कर दिए। तब से लेकर आज तक यह मामला कभी चुनाव आयोग, कभी विधानसभा अध्यक्ष तो कभी सुप्रीम कोर्ट की मेज पर घूम रहा है। अब 29 अप्रैल को होने वाली ‘फाइनल हियरिंग’ यह तय करेगी कि कानूनी रूप से ‘असली शिवसेना’ कहलाने का हकदार कौन है।
शिंदे की बढ़त और उद्धव की चुनौती
वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो पलड़ा एकनाथ शिंदे गुट का भारी नजर आता है। केंद्रीय चुनाव आयोग (EC) ने संख्या बल (विधायकों और सांसदों की संख्या) के आधार पर शिंदे गुट को असली शिवसेना माना है और उन्हें पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी मुख्य दलीलें इस प्रकार हैं:
सम्बंधित ख़बरें
Nagpur RTO ‘हफ्ता सिंडिकेट’ पर कब्जे की जंग! अफसरों के गैंगवार ने लिया खतरनाक मोड़, ‘सुपारी’ कनेक्शन से सनसनी
West Bengal Election 2026, हिंसा पर RSS का बड़ा प्रहार, दत्तात्रेय होसबले ने ममता सरकार को घेरा
नागपुर में ई-टिकट कालाबाजारी का भंडाफोड़: रेलवे ने 67 टिकट जब्त कर रैकेट का किया पर्दाफाश
सिविल लाइंस के अवैध लॉन्स पर HC सख्त: 12 लॉन-क्लब को नोटिस, नागपुर से विदर्भभर में बढ़ सकती है कार्रवाई
- पार्टी का संगठन और कार्यकर्ता अभी भी उनके साथ हैं।
- चुनाव आयोग ने केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या देखी, पार्टी के मूल संविधान को नजरअंदाज किया।
- दलबदल कानून के तहत बागी गुट पर कार्रवाई होनी चाहिए थी।
विधानसभा अध्यक्ष के फैसले से लगा था झटका
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस मामले की सुनवाई की थी, लेकिन वहां से भी उद्धव ठाकरे को निराशा हाथ लगी। अध्यक्ष ने शिंदे गुट के विधायकों को वैध माना और पार्टी पर उनके नियंत्रण पर मुहर लगा दी। हार न मानते हुए, उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर न्याय के सर्वोच्च मंदिर यानी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
यह भी पढ़ें: कोल्हापुर विवाद, संजय गायकवाड़ की बर्खास्तगी की मांग तेज, Shahu Maharaj का कड़ा रुख
29 अप्रैल: क्यों है यह तारीख महत्वपूर्ण?
यह सुनवाई इसलिए भी खास है क्योंकि यह मामला लगभग 3 साल से लंबित है। 29 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट सभी पक्षों की अंतिम दलीलें सुनेगा। यदि फैसला उद्धव ठाकरे के पक्ष में आता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में किसी सुनामी से कम नहीं होगा और आने वाले चुनावों के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। वहीं, यदि शिंदे गुट की जीत बरकरार रहती है, तो उद्धव ठाकरे के लिए अपनी राजनीतिक जमीन फिर से तैयार करना एक बड़ी चुनौती होगी।
Shiv sena dispute supreme court hearing april 29 uddhav vs shinde
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
शिवसेना के नाम और निशान की जंग, 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में महामुकाबला, क्या पलट जाएगी महाराष्ट्र की बाजी?
Apr 25, 2026 | 08:33 AM18 साल पहले कोहली को विश्व विजेता बनाने वाला खिलाड़ी…IPL में नहीं मिला मौका तो बना IT ऑफिसर, अब किया डेब्यू
Apr 25, 2026 | 08:30 AMNagpur RTO ‘हफ्ता सिंडिकेट’ पर कब्जे की जंग! अफसरों के गैंगवार ने लिया खतरनाक मोड़, ‘सुपारी’ कनेक्शन से सनसनी
Apr 25, 2026 | 08:27 AMPune Municipal Corporation सभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट, भाजपा ने प्रस्ताव ठुकराया
Apr 25, 2026 | 08:26 AMPune Water Crisis: फ्लैट खरीदारों को टैंकर पर छोड़ने वाले बिल्डरों पर सख्ती की मांग, PMC में छिड़ा बवाल
Apr 25, 2026 | 08:15 AMWest Bengal Election 2026, हिंसा पर RSS का बड़ा प्रहार, दत्तात्रेय होसबले ने ममता सरकार को घेरा
Apr 25, 2026 | 08:13 AMनागपुर में ई-टिकट कालाबाजारी का भंडाफोड़: रेलवे ने 67 टिकट जब्त कर रैकेट का किया पर्दाफाश
Apr 25, 2026 | 08:11 AMवीडियो गैलरी

UP News: मेरठ का तुषार कैसे बना ‘हिजबुल्लाह’? मोबाइल और इंस्टाग्राम ने बनाया आतंकी
Apr 24, 2026 | 10:28 PM
PM मोदी के हुगली दौरे के बाद क्या बदला माहौल? महिलाओं ने सुरक्षा पर उठाए सवाल, युवाओं ने मांगा रोजगार
Apr 24, 2026 | 10:23 PM
संदीप पाठक के पास थे सिर्फ 3 रास्ते…जानें IIT प्रोफेसर ने AAP छोड़ क्यों चुना BJP का साथ? देखें VIDEO
Apr 24, 2026 | 10:12 PM
पहाड़ों पर ₹80 की पानी की बोतल का सच: क्या यह लूट है या मजबूरी? हकीकत जानकर दंग रह जाएंगे
Apr 24, 2026 | 10:09 PM
UP बोर्ड में लड़कियों की बादशाहत! टॉपर्स लिस्ट में केवल एक लड़का, कशिश और शिखा वर्मा ने किया प्रदेश का नाम रोशन
Apr 24, 2026 | 02:04 PM
‘तुम यहां क्या कर रहे हो…?’, केदारनाथ धाम में मुस्लिम के साथ गाली-गलौज, VIDEO हुआ वायरल
Apr 23, 2026 | 10:43 PM











