

Maharashtra Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में महाराष्ट्र के विकास और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8 बड़े निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट ने बैठक में बुनियादी ढांचे को गति देने और आम जनता को त्वरित न्याय के लिए न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया है। इनमें सबसे बड़ा फैसला अवैध गौण खनिज उत्खनन और उसके परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रॉयल्टी का 10 गुना भारी जुर्माना वसूलने का बड़ा फैसला लिया गया है।
मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के मामलों में रॉयल्टी की 10 गुना राशि तक जुर्माना लगाया जाएगा। इस संशोधन को अध्यादेश के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही कैबिनेट ने रेलवे विकास, स्थानीय स्वराज संस्थाओं, न्यायालयों के विस्तार और कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने जैसे निर्णय लेकर सरकार ने विकास और न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।
कैबिनेट बैठक में मुंबई रेलवे विकास महामंडल की अधिकृत शेयर पूंजी 25 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपए कर दी गई है। वहीं आरक्षित सीटों से चुने गए ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति के प्रतिनिधियों के लिए चुनाव परिणाम घोषित होने के 12 महीने के भीतर जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है। समय सीमा का पालन नहीं करने पर सदस्यता रद्द मानी जाएगी।
न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के मकसद से पुणे में एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष न्यायालय, सोलापुर के कुर्डूवाडी में दीवानी न्यायालय और अहिल्यानगर के कर्जत में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड़ और यवतमाल में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों के लिए अनन्य विशेष न्यायालय भी स्थापित होंगे। इससे लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और लोगों को स्थानीय स्तर पर न्याय मिलने में सुविधा होगी।
महाएग्री-एआई नीति के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एग्रीटेक नवाचार केंद्र में प्रबंध निदेशक के पद को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे 500 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।