रितु तावड़े को मेयर बनाना भाजपा की मजबूरी, मराठी समर्थन के कारण लिया फैसला, संजय राउत का बयान
Sanjay Raut: संजय राउत ने दावा किया कि बीएमसी चुनाव में मराठी मतदाताओं के समर्थन के कारण भाजपा को रितु तावड़े को मुंबई का महापौर बनाना पड़ा, जिससे ठाकरे परिवार का 25 साल का वर्चस्व खत्म हुआ।
- Written By: आंचल लोखंडे
BMC election news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ritu Tawde Mumbai Mayor: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में उनकी पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को मराठी लोगों से मिले भारी समर्थन के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मुंबई के महापौर पद के लिए एक मराठी चेहरा चुनना पड़ा।
पत्रकारों से बातचीत में राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने शनिवार को आरएसएस के शताब्दी समारोह में अभिनेता सलमान खान और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यह सलमान खान का स्वागत था या संघ की शाखाओं में मुसलमानों के लिए संदेश।
संघ प्रमुख को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि जिस तरह से हिंदू-मुस्लिम नफरत और बदले की भावना से प्रेरित दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, उस पर संघ प्रमुख को स्पष्टीकरण देना चाहिए। राउत ने मुंबई के महापौर पद के लिए भाजपा द्वारा 53 वर्षीय रितु तावड़े को उम्मीदवार बनाए जाने पर कहा कि वह मूल रूप से कांग्रेस से जुड़ी रही हैं और भाजपा के पास अपना मजबूत उम्मीदवार नहीं था।
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ठाकरे परिवार का 25 वर्षों से चला आ रहा वर्चस्व समाप्त
उन्होंने दावा किया, “जिस तरह से मराठी मतदाताओं ने भारी संख्या में शिवसेना (उबाठा) और मनसे को समर्थन दिया, उसके चलते भाजपा को मुंबई में मराठी महापौर बनाना पड़ा।” रितु तावड़े मुंबई की महापौर बनने के लिए तैयार हैं। शिवसेना (उबाठा) द्वारा किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने के फैसले के बाद वह लगभग चार दशकों में सत्तारूढ़ पार्टी की पहली महापौर बनने जा रही हैं। रितु तावड़े के निर्विरोध चुने जाने से बीएमसी पर ठाकरे परिवार का 25 वर्षों से चला आ रहा वर्चस्व समाप्त हो गया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
