‘नारी शक्ति नहीं, यह बीजेपी शक्ति वंदन है’; महिला आरक्षण के टाइमिंग पर संजय राउत का मोदी सरकार पर बड़ा हमला
Sanjay Raut News: संजय राउत ने महिला आरक्षण विधेयक को 'बीजेपी शक्ति वंदन' बताया। 850 सीटों की साजिश और चुनाव टाइमिंग पर मोदी सरकार को घेरा।
- Written By: अनिल सिंह
Sanjay Raut on Nari Shakti Vandan (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut on Nari Shakti Vandan: संसद के विशेष सत्र के आगाज के साथ ही महिला आरक्षण विधेयक यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस विधेयक की मंशा और टाइमिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राउत का दावा है कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक विस्तार की एक सोची-समझने साजिश है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह ‘नारी शक्ति वंदन’ नहीं, बल्कि ‘बीजेपी शक्ति वंदन’ अधिनियम है, जिसे विपक्ष संसद में आसानी से पारित नहीं होने देगा।
देश को गुमराह करने का आरोप
संजय राउत ने केंद्र सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह विधेयक वास्तव में सितंबर 2023 में ही पारित किया जा चुका था, लेकिन अब इसे नए सिरे से पेश कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार निर्वाचन क्षेत्रों का विभाजन कर सांसदों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 से अधिक करना चाहती है। राउत के अनुसार, यदि सरकार वर्तमान संख्या में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करती है तो विपक्ष को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सीटों की संख्या बढ़ाकर इसे थोपना स्वीकार्य नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
बूथ कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक, देवेंद्र फडणवीस का वह सफर जो हर किसी के लिए प्रेरणा है
नागपुर से इतना खास लगाव क्यों रखते हैं देवेंद्र फडणवीस? तस्वीरों में जानिए सफर!
अजीत पवार और बारामती: सात बार विधायक बनने से लेकर बारामती मॉडल गढ़ने तक का राजनीतिक सफर
युवाओं के सामने उद्धव ने सिर झुकाया, जंतर-मंतर पर CJP के मंच से भरी हुंकार, बोले- महाराष्ट्र आपके साथ है
ये भी पढ़ें- ‘हिंदू लड़कियों को फंसाओ और शादी करो’, गवाहों ने खोले नासिक धर्मांतरण कांड के राज
विधेयक को लाने की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं थी
आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा कि इस समय इस विधेयक को लाने की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने इसे सरकार की एक “चुनावी साजिश” करार दिया और चेतावनी दी कि इतिहास इस हेरफेर को कभी माफ नहीं करेगा। राउत ने विपक्षी एकजुटता का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और शिवसेना (UBT) मिलकर संसद में इस विधेयक का मुकाबला करेंगे। उन्होंने आंकड़ों का गणित समझाते हुए कहा कि सरकार के पास बहुमत जरूर है, लेकिन विपक्ष की एकजुट ताकत इस विधेयक को मतदान में हराने का दम रखती है।
संसद के भीतर और बाहर संग्राम
संजय राउत के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण विधेयक पर संसद के भीतर और बाहर संग्राम छिड़ने वाला है। जहाँ एक ओर महाराष्ट्र में लोकसभा की सीटें 48 से बढ़ाकर 72 होने की चर्चा है, वहीं विपक्ष इसे क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ने और सत्ता के केंद्रीकरण की कोशिश के रूप में देख रहा है। अब सबकी निगाहें संसद के विशेष सत्र पर टिकी हैं कि क्या यह विधेयक वास्तव में ‘ऐतिहासिक’ बनेगा या विपक्षी विरोध की भेंट चढ़ जाएगा।
