INDIA अलायंस पर उद्धव ठाकरे लेंगे बड़ा फैसला, DMK-कांग्रेस अनबन पर संजय राउत ने दिया बयान
Sanjay Raut Statement DMK Congress Rift INDIA Alliance: डीएमके-कांग्रेस विवाद और 8 जून की दिल्ली बैठक पर संजय राउत का बड़ा बयान। बोले- थलापति विजय के रूप में मिला नया साथी।
- Written By: अनिल सिंह
इंडिया' गठबंधन में डीएमके की नाराजगी के बीच थलापति विजय की एंट्री पर बोले संजय राउत (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut Statement DMK Congress Rift: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद से ही वहां का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ ब्लॉक का मजबूत हिस्सा रही डीएमके को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब कांग्रेस ने उसके साथ अपना सालों पुराना नाता तोड़ लिया। कांग्रेस ने राज्य में नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री थलापति विजय की पार्टी टीवीके के साथ हाथ मिलाया और नई सरकार का हिस्सा बन गई। कांग्रेस के इस फैसले से नाराज होकर डीएमके ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय पार्टी ने उनके साथ विश्वासघात किया है और अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करने के लिए उन्होंने इंडिया गठबंधन की गतिविधियों से दूरी बना ली है।
इस बड़े घटनाक्रम का सीधा असर अब 8 जून को दिल्ली में होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक पर पड़ता दिख रहा है, जिसे लेकर शिवसेना यूबीटी के खेमे में लगातार चर्चाओं का दौर जारी है।
‘इंडिया गठबंधन एक परिवार, अपनों में होती रहती है अनबन’
शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने डीएमके द्वारा इंडिया गठबंधन की बैठक का बहिष्कार किए जाने के फैसले पर बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ा राजनीतिक परिवार होता है, तो उसमें आंतरिक मतभेद और अनबन होना स्वाभाविक है। उन्होंने अतीत का उदाहरण देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच या फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के बीच भी कई बार कड़वाहट देखी गई है। दुबे ने उम्मीद जताई कि बड़े मिशन को हासिल करने के लिए सभी दलों को अपने छोटे-मोटे व्यक्तिगत लाभ-हानि को भूलना होगा और वे खुद बैठकर बातचीत के जरिए इस दूरियों को खत्म करने का प्रयास करेंगे।
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केसी वेणुगोपाल ने फोन पर की उद्धव ठाकरे से चर्चा
विपक्ष के इस राष्ट्रीय संकट पर शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने स्वयं फोन करके उद्धव ठाकरे से इस पूरे विषय पर विस्तार से बातचीत की है। राउत ने कहा कि 8 जून की दिल्ली बैठक को लेकर वे विचार कर रहे हैं कि क्या करना है, क्योंकि इस वक्त महाराष्ट्र के भीतर भी पार्टी के पास करने के लिए बहुत सारे राजनीतिक कार्य हैं। राउत ने इस बात को स्वीकार किया कि चूंकि कांग्रेस बैठक में हिस्सा ले रही है, इसलिए उन्हें नहीं लगता कि डीएमके के नेता दिल्ली आएंगे।
‘गठबंधन में कोई फूट नहीं, थलापति विजय के रूप में मिला नया साथी’
जब संजय राउत से सीधा सवाल पूछा गया कि क्या इन परिस्थितियों के कारण ‘इंडिया’ गठबंधन में कोई बड़ी फूट पड़ गई है, तो उन्होंने इसका पुरजोर खंडन किया। राउत ने कहा कि डीएमके को इस पूरे मामले में थोड़ा संयम बरतना चाहिए था क्योंकि तमिलनाडु की तात्कालिक राजनीतिक स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के सामने कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। इसके साथ ही राउत ने एक नया समीकरण पेश करते हुए कहा कि भले ही डीएमके अलग हो रही हो, लेकिन अब ‘इंडिया’ ब्लॉक को थलापति विजय के रूप में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर एक नया और बेहद मजबूत साथी मिल गया है, इसलिए आगामी बैठक में अब मुख्य रूप से उनके बारे में ही चर्चा की जाएगी।
