

Navnath Ban Slams Sanjay Raut: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नामांकन वापसी के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत द्वारा सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर 150 करोड़ रुपये की हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाए जाने के बाद, अब उन पर तीखा पलटवार किया गया है।
संजय राउत ने दावा किया कि पुणे, कोंकण और छत्रपति संभाजीनगर जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल करने के लिए सत्ता पक्ष ने भारी धनबल का प्रयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए एक ही दिन में 150 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए गए। राउत के अनुसार, यह लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने वाला हॉर्स ट्रेडिंग का एक बड़ा वित्तीय सिंडिकेट है।
संजय राउत के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता नवनाथ बन ने कहा कि लोगों को संभालने के लिए पैसे की नहीं, बल्कि प्यार की जरूरत होती है। राउत और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे न तो अपने कार्यकर्ताओं को संभाल पाए और न ही अपने नेताओं को टिकने दे पाए। जब कार्यकर्ता और नेता साथ छोड़ रहे हैं, तो इसका ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
पलटवार में सबसे गंभीर सवाल नासिक सीट को लेकर उठाया गया है। यह पूछा गया है कि नासिक के संपर्क प्रमुख होने के बावजूद संजय राउत की पार्टी वहां एक उम्मीदवार तक क्यों नहीं दे पाई?। नवनाथ बन ने राउत से सीधे सवाल किया कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले वे यह बताएं कि नासिक के दौरों के दौरान वे नाटों की कितनी बैग भरकर घर लाए? यह भी पूछा कि आखिर वहां उम्मीदवार क्यों नहीं उतारा गया, इसका जवाब राउत को प्रेस कॉन्फ्रेंस में देना चाहिए।
बीजेपी ने संजय राउत को आदतन झूठा करार देते हुए चुनौती दी है कि यदि उनके पास 150 करोड़ के लेनदेन का कोई भी ठोस सबूत है, तो वे उसे सार्वजनिक करें, अन्यथा महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगें। बीजेपी का कहना है कि राउत अपनी पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी और हार के डर को छिपाने के लिए ऐसी काल्पनिक कहानियां गढ़ रहे हैं।