समरजीत घाटगे की ‘घर वापसी’: कोल्हापुर में खिलेगा कमल; शशिकांत शिंदे बोले- ‘यह हसन मुश्रीफ के लिए खतरे की घंटी’
Samarjeetsinh Ghatge BJP: समरजीत घाटगे की भाजपा में वापसी। शशिकांत शिंदे ने इसे हसन मुश्रीफ के लिए चेतावनी बताया। जानें 2029 का नया सियासी गणित।
- Written By: अनिल सिंह
Samarjeetsinh Ghatge BJP Comeback (फोटो क्रेडिट-X)
Samarjeetsinh Ghatge BJP Comeback: कोल्हापुर की राजनीति के दिग्गज नेता समरजीतसिंह घाटगे ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। बुधवार (8 अप्रैल 2026) को मुंबई स्थित भाजपा मुख्यालय में वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत पाटिल और रविंद्र चव्हाण की उपस्थिति में घाटगे आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए। गौरतलब है कि 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट न मिलने से नाराज होकर घाटगे ने शरद पवार की एनसीपी (SP) का हाथ थामा था, लेकिन अब उनकी ‘घर वापसी’ ने पश्चिमी महाराष्ट्र के सियासी समीकरणों को गर्मा दिया है।
समरजीत घाटगे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पहले शरद पवार से मुलाकात की थी और उन्हें अपनी स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने कहा, “दिसंबर में ही मैंने पवार साहब को अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी थी और उन्हें सूचित करने के बाद ही यह निर्णय लिया है।”
हसन मुश्रीफ के लिए खतरे की चेतावनी
समरजीत घाटगे की भाजपा में वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने तीखा हमला बोला। शिंदे ने कहा, “घाटगे मूल रूप से भाजपा के ही थे, वे हमारे पास केवल टिकट के लिए आए थे। लेकिन उनकी वापसी मौजूदा कैबिनेट मंत्री हसन मुश्रीफ के लिए एक बड़ी चेतावनी है।” शिंदे का तर्क है कि भाजपा अब अपने दम पर (स्वबल) चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, और घाटगे का प्रवेश इसी रणनीति का हिस्सा है।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर: नालों पर निर्माण करने वालों की खैर नहीं, लगेगा अतिरिक्त टैक्स; कमिश्नर ने दिए निर्देश
मुंबई-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे: अब 3 घंटे नहीं, सिर्फ 90 मिनट में पूरा होगा सफर, जानें प्रोजेक्ट की विशेषताए
नागपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट संकट, 1 जून से कई उड़ानें होंगी बंद; क्या पश्चिम एशिया का तनाव बना मुख्य कारण?
डिनर टेबल पर पसरा सन्नाटा, आमरस खाते ही एक-एक कर गिरने लगे परिवार के सदस्य, भाई की सतर्कता ने बचाई जान
ये भी पढ़ें- चंद्रपुर: DJ की धुन पर नाचते-नाचते हुई युवक की मौत, गम में बदली दोस्त की शादी की खुशी
2029 का समीकरण: आत्मनिर्भर भाजपा के संकेत
शशिकांत शिंदे ने दावा किया कि भाजपा द्वारा सहयोगी दलों (एनसीपी और शिवसेना शिंदे गुट) के प्रभाव वाले क्षेत्रों में अपने नेताओं को मजबूत करना इस बात का संकेत है कि पार्टी भविष्य में किसी बैसाखी के बिना चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा, “अमित शाह ने मुंबई दौरे के दौरान साफ किया था कि भाजपा आत्मनिर्भरता की राह पर चलेगी। जहां आज सहयोगी दलों के विधायक और मंत्री हैं, वहां भाजपा अपने संगठन को मजबूत कर रही है। यह 2029 की चुनावी बिसात है।”
शरद पवार गुट की नई आक्रामक रणनीति
एक तरफ जहां भाजपा कुनबा बढ़ा रही है, वहीं शशिकांत शिंदे ने बताया कि एनसीपी (SP) भी महाराष्ट्र के मुद्दों पर आक्रामक रूप से सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। सुप्रिया सुले की उपस्थिति में विभिन्न प्रकोष्ठों की बैठकें चल रही हैं और जल्द ही पूरे महाराष्ट्र का दौरा शुरू किया जाएगा। शिंदे ने कहा कि पार्टी संगठन में जिला स्तर पर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं ताकि आगामी नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों में मजबूती से मुकाबला किया जा सके।
