'महिला स्पीकर को दिए गए 10 करोड़', शशिकांत शिंदे के सनसनीखेज आरोप से सतारा की राजनीति में उबाल

Satara ZP Election Controversy: शशिकांत शिंदे का आरोप- सतारा ZP अध्यक्ष के लिए दिए गए 10 करोड़। बारामती उपचुनाव नहीं लड़ेगी शरद पवार की पार्टी।
Satara ZP Election Controversy
Satara ZP Election Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
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Shashikant Shinde Allegations: महाराष्ट्र के सतारा जिला परिषद (ZP) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव ने राज्य की सियासत में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया है। शरद पवार गुट के कद्दावर नेता और विधायक शशिकांत शिंदे ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अध्यक्ष पद के लिए महिला उम्मीदवार को 10 करोड़ रुपये दिए गए। शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि अब राजनीति में डर नाम की कोई चीज नहीं बची है; नेता बेखौफ होकर दल-बदल कर रहे हैं और उन्हें अयोग्य ठहराए जाने की भी चिंता नहीं है।

यह विवाद तब गहराया जब बीजेपी की कथित साजिशों और जिला प्रशासन के पक्षपाती रवैये के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) और शिवसेना के सदस्यों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। सतारा की सड़कों से लेकर जिला परिषद के गलियारों तक जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इस खींचतान ने महायुति के भीतर भी दरारें साफ कर दी हैं, जहाँ एक तरफ मंत्री शंभूराज देसाई और मकरंद पाटिल हैं, तो दूसरी तरफ जयकुमार गोरे और शिवेंद्रसिंहराजे भोसले आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

'विरासत बेची, अब होगी कार्रवाई'

शशिकांत शिंदे ने विशेष रूप से विराज शिंदे की पत्नी और लता कर्णे पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों के लेन-देन के चक्कर में नेताओं ने अपनी वैचारिक विरासत को ताक पर रख दिया है। शिंदे ने बताया कि उन्होंने बागी सदस्यों के खिलाफ अयोग्यता की याचिका दायर कर दी है। मंत्री शंभूराज देसाई भी जल्द ही इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं। बता दें कि हंगामे के बीच ऋतुजा विराज शिंदे को महिला एवं बाल कल्याण समिति और लता कर्णे को विषय समिति का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है।

सीडीआर (CDR) लीक मामले पर उठाए सवाल

अशोक खरात और अंजलि दमानिया द्वारा जारी किए गए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मामले पर भी शशिकांत शिंदे ने सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये गोपनीय जानकारियां सीधे दमानिया के पास कैसे पहुँच रही हैं? शिंदे ने मांग की कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि क्या किसी को जानबूझकर राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर सीडीआर लीक किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे निजता और सुरक्षा के उल्लंघन का बड़ा मामला बताया।

बारामती से पीछे हटे, राहुरी में दिखाएंगे दम

आगामी उपचुनावों को लेकर शिंदे ने पार्टी की रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद उपजी परिस्थितियों और उनके प्रति सम्मान को देखते हुए शरद पवार गुट ने बारामती उपचुनाव न लड़ने का फैसला किया है। हालांकि, राहुरी सीट पर महाविकास अघाड़ी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। शिंदे ने स्पष्ट किया कि वे जयंत पाटिल और प्राजक्ता तनपुरे से चर्चा कर जल्द ही उम्मीदवार की घोषणा करेंगे। सतारा से लेकर बारामती तक की इस सियासी हलचल ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले समीकरणों को पूरी तरह उलझा दिया है।

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