डिनर टेबल पर पसरा सन्नाटा, आमरस खाते ही एक-एक कर गिरने लगे परिवार के सदस्य, भाई की सतर्कता ने बचाई जान
Aamras Food Poisoning Case: अहिल्यानगर में आमरस खाने से एक ही परिवार के 7 लोगों को फूड पॉइजनिंग हुई। रसायनों से पके आम बन सकते हैं जानलेवा। जानिए क्या बरते सावधानी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mango Side Effects: मुंबई में तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग की घटना अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब अहिल्यानगर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ आम का रस खाने के बाद एक ही परिवार के 7 सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, अहिल्यानगर के जायभाय परिवार ने बाजार से आम खरीदे थे। रात के खाने के दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने बड़े चाव से आमरस का आनंद लिया। हालांकि, खुशियों भरा यह डिनर कुछ ही देर में चीख-पुकार में बदल गया। आमरस खाने के कुछ ही समय बाद, परिवार के सदस्यों को बेचैनी होने लगी और एक-एक करके सभी बेहोश होने लगे।
इस घटना में एक चार साल की मासूम बच्ची भी शामिल थी। गनीमत यह रही कि परिवार का बड़ा भाई उस समय भोजन नहीं कर रहा था क्योंकि वह देर से खाना खाता था। जब उसने देखा कि घर के सभी सदस्य अचानक जमीन पर गिरकर बेहोश हो रहे हैं, तो उसने बिना समय गंवाए सभी को पास के एशियन हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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अस्पताल में चली तीन दिन की जंग
एशियन हॉस्पिटल के डॉ. सचिन पांडुले ने बताया कि जब मरीजों को अस्पताल लाया गया, तो उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी और वे पूरी तरह बेहोश थे। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज प्रक्रिया शुरू की। लगातार तीन दिनों तक चले गहन उपचार के बाद 6 सदस्यों की स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज दे हुआ है। हालांकि, परिवार के एक सदस्य का उपचार अभी भी जारी है, जिनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
क्यों हुई यह घटना?
डॉक्टरों के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला है। प्राथमिक अनुमान लगाया जा रहा है कि आमों को प्राकृतिक रूप से पकने देने के बजाय उन्हें जल्दी पकाने के लिए कैलशियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया गया होगा। ये रसायन शरीर में जाकर जहर का काम करते हैं और नर्वस सीस्टम पर सीधा हमला करते हैं, जिससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है।
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आम खरीदते और खाते समय बरतें ये सतर्कता
फलों का राजा आम हर किसी को पसंद है, लेकिन बाजार में बिकने वाले रसायनों से पके आम आपकी जान के दुश्मन बन सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए इन सुझावों का पालन करें। जो आम पूरी तरह से एक समान पीले रंग के दिखते हैं और उन पर कोई भी हरा धब्बा नहीं होता, वे अक्सर रसायनों से पकाए गए होते हैं। प्राकृतिक रूप से पके आमों का रंग थोड़ा असमान हो सकता है।
- पानी में भिगोएं: आम खाने से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले उन्हें पानी से भरी बाल्टी में भिगोकर रखें। इससे फलों की सतह पर लगे रसायन जैसे कार्बाइड और उनकी गर्मी निकल जाती है।
- छिलका उतारने में सावधानी: आम को सीधे मुंह से काटकर न खाएं। इसके बजाय उसे अच्छी तरह धोकर, चाकू से छिलका उतारकर ही खाएं। छिलके के ठीक नीचे रसायनों का असर सबसे अधिक होता है।
- खुशबू से पहचानें: प्राकृतिक रूप से पके आम की डंठल के पास एक मीठी और सौंधी खुशबू आती है। अगर आम से कोई दवा जैसी या तीखी गंध आए, तो उसे न खरीदें।
- सफेद पाउडर का ध्यान: अगर आम की सतह पर कहीं सफेद पाउडर जैसा कुछ लगा दिखे, तो समझ लें कि उसे पकाने के लिए कार्बाइड पाउडर का इस्तेमाल हुआ है।
- लक्षणों को पहचानें: फल खाने के बाद अगर सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना या पेट में मरोड़ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घरेलू इलाज के भरोसे न रहें।
