शिवसेना सांसद के ट्वीट पर भड़की कांग्रेस, मिलिंद देवड़ा पर सचिन सावंत ने बोला हमला

Sachin Sawant VS Milind Deora: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस छोड़कर उफ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए सांसद मिलिंद देवड़ा इन दिनों कांग्रेस के निशाने पर हैं।
शिवसेना सांसद के ट्वीट पर भड़की कांग्रेस
शिवसेना सांसद के ट्वीट पर भड़की कांग्रेस (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Mumbai News: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस छोड़कर उफ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए सांसद मिलिंद देवड़ा इन दिनों कांग्रेस के निशाने पर हैं। एक्स अकाउंट पर गुरुवार को किए गए देवड़ा के दो ट्वीट इसकी वजह हैं। ट्वीट में देवड़ा ने खासकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे को निशाना बनाने का प्रयास किया था लेकिन कांग्रेस ने गठबंधन धर्म निभाते हुए देवड़ा पर हमला बोल दिया।

मुंबई कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने ट्वीट का जवाब ट्वीट से देते हुए लिखा है कि मिलिंद देवड़ा का आम लोगों से मिलना तो दूर, उन्हें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने का भी कभी समय नहीं मिलता है। दुर्भाग्य से इसी वजह से उन्होंने न तो कभी लोगों की समस्याओं को समझा और न ही किसी मुद्दे की जड़ तक जाने की जहमत उठाई। नतीजतन, उनका नजरिया हमेशा सतही ही रहा।

बेतुके और असंवेदनशील बयान

सचिन सावंत ने आगे लिखा है कि इसलिए देवड़ा कभी-कभी दक्षिण मुंबई में विरोध प्रदर्शन बंद किए जाने जैसे बेतुके और असंवेदनशील बयान देते हैं। और अब एक बार फिर उन्होंने न्यूज लिंक खोलकर उसे ठीक से पढ़ने की भी जहमत नहीं उठाई। प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण, अनीता पाटिल नाम की एक बदकिस्मत महिला की सड़क पर बने गड्ढे में मोटरसाइकिल गिरने से हुई दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना पालघर मनोर विक्रमगढ़ जौहर राजमार्ग पर हुई लेकिन देवड़ा ने इसे मुंबई महानगर पालिका के सिर मढ़ दिया!

नगर विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में ?

यदि उन्होंने थोड़ी भी जहमत उठाई होती, तो उन्हें पता होता कि यह एक राष्ट्रीय राजमार्ग है और इसके रखरखाव का काम मार्च 2024 में नितिन गडकरी के नेतृत्व में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) को दिया गया है।

उस काम के ठेकेदार भूषण भानुशाली भाजपा के पदाधिकारी (जिला सचिव) हैं। यह जानकारी देने के साथ सावंत ने सवाल उठाया है कि क्या देवड़ा में भाजपा से सवाल पूछने की हिम्मत है? उन्होंने आगे लिखा है कि जहां तक मुंबई मनपा का मुद्दा है, विपक्ष को ही खराब सड़कों, भ्रष्टाचार और लालच पर बात करने का पूरा अधिकार है, लेकिन क्या देवड़ा इतना भी नहीं जानते हैं कि पिछले तीन वर्षों से बीएमसी, महायुति सरकार और उनके ही मुख्य नेता के नगर विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में है?

क्या था देवड़ा का ट्वीट?

देवड़ा ने लिखा था कि मुंबई मनपा के चुनाव जल्द ही होने वाले हैं। इसमें जीत हासिल करने का बस एक ही तरीका है - लोगों तक पहुंचना और उनकी समस्याओं को समझना। आज बालासाहेब भवन में, हमने मुंबई के कई नागरिकों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। हमने स्थानीय कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और उनसे भी यही कहा - जनता के पास जाओ, उनकी बात सुनो और कार्रवाई करो!

दूसरा ट्वीट उन्होंने एक सड़क हादसे की खबर का लिंक साझा करते हुए किया था। उन्होंने लिखा था कि यह खबर दिल दहलाने वाली है। किसी भी परिवार को गड्ढों और लापरवाही के कारण अपने किसी प्रियजन को खोना न पड़े। मुंबई के इतिहास में पहली बार, खराब सड़कें, भ्रष्टाचार और लालच चुनावी मुद्दे बनेंगे। जिन लोगों ने 30 साल तक मुंबईकरों को परेशान करके लाभ कमाया, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

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