महाशिवरात्रि पर घृष्णेश्वर धाम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब; 5 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद

Grishneshwar Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर संभाजीनगर के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने दर्शन, सुरक्षा व यातायात की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
A wave of faith will surge at Ghrishneshwar Dham on Mahashivratri; 5 lakh devotees are expected.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Grishneshwar Temple Mahashivratri: छत्रपति संभाजीनगर रविवार को पूरे देश भर में महाशिवरात्री का पावन पर्व मनाया जाएगा। जिले के पृष्णेश्वर मंदिर में आस्था का विराट समुद्र उमड़ने जा रहा है। बारह ज्योतिर्लिंगों में अंतिम माने जाने वाले इस पवित्र धाम में इस वर्ष लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।

मंदिर ट्रस्ट ने जहां दो लाख से अधिक भक्तों के आगमन का अनुमान जताया है। वहीं जिला प्रशासन ने संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा। दर्शन और यातायात की व्यापक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

विद्युत सज्जा और पुष्प अलंकरण से सुसज्जित मंदिर परिसर शिवमय वातावरण में सराबोर हो उठा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार घुश्मा नामक परम शिवभक्त को कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहां ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे।

तभी से यह स्थल घृष्णेश्वर के नाम से विख्यात हुआ। वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार मराठा काल में हुआ तथा अठारहवीं शताब्दी में महारानी अहिल्याबाई होलकर ने इसका पुनर्निर्माण कराया, लाल पत्थरों से निर्मित यह भब्य मंदिर प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला और शिल्प सौंदर्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।

एलोरा की ऐतिहासिक गुफाओं के समीप स्थित यह धाम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पिछले वर्ष महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लगभग चार घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी थी। इस बार प्रशासन ने बेहतर कतार प्रबंधन और बैरिकेड व्यवस्था के माध्यम से औसतन तीन घंटे में दर्शन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

सामान्य दर्शन निःशुल्क रहेंगे। विशेष दर्शन के लिए पृथक कतार बनाई गई है। गर्भगृह में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रवेश द्वार पर सघन सुरक्षा जांच की जाएगी। यह जानकारी घृष्णेश्वर मंदिर देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष कुणाल शंकरराव दांडगे तथा मंदिर के पुजारी लक्ष्मीकांत सुधाकर वैद्य ने नवभारत से बातचीत करते हुए दी।

अभेद्य सुरक्षा घेरा के साथ स्वास्थ्य प्रबंध की व्यवस्था

लक्ष्मीकांत वैद्य ने बताया कि भीड नियंत्रण के लिए मंदिर परिसर और मुख्य मार्गों पर 34 वैरिकेड लगाए गए हैं, 65 सीसीटीवी कैमरी के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। पुलिस बल राज्य रिजर्व पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की व्यापक तैनाती की गई है। नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की और से प्राथमिक उपचार केंद्र बनाए गए है। एखुलेस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

यातायात व्यवस्था में किया विशेष बदलाव

शनिवार रात्रि 10 बजे से रविवार दोपहर 12 बजे तक एलोरा गांव के मुख्य मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। महावीर चौक से मालोजी गडी चौक तक विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

कन्नड़, खुलदाबाद, दौलताबाद। फुलंब्री, सिल्लोड, पैठण और छत्रपति संभाजीनगर शहर की दिशा से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। भारी वाहनों को पूर्व निर्धारित सीमा पर ही रोका जाएगा। ताकि मंदिर क्षेत्र में यातायात बाधित न हो।

दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक का किया जा रहा आयोजन

महाशिवरात्रि के दिन प्रातः काल से रुद्राभिषेक। दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक का आयोजन होगा, दिनभर विशेष पूजन और आरती संपन्न होगी। रात्रि में भजन, कीर्तन और महाआरती के साथ भव्य जागरणित किया जाएगा, एलोरा, खुलदाबाद और दौलताबाद क्षेत्र शिव भक्ति में डूब जाएगा।

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