प्लास्टिक बोतल का पानी क्यों नहीं पीते थे अजित पवार? पहले से था साजिश का अंदेशा! रोहित का चौंकाने वाला दावा

Ajit Pawar Death: रोहित पवार ने अजित पवार के विमान हादसे को साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि दादा अपनी सुरक्षा को लेकर इतने सतर्क थे कि उन्होंने प्लास्टिक की बोतल से पानी पीना तक छोड़ दिया था।
Why didnt Ajit Pawar drink water from plastic bottle Rohit Pawar shocking claim
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्लास्टिक की पानी की बोतल दिखाते राेहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Death Mystery: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बड़ा उबाल आ गया है। विधायक रोहित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिवंगत नेता अजित पवार के विमान हादसे को लेकर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर दावे किए हैं। रोहित पवार का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं था, बल्कि एक नियोजित साजिश हो सकती है। उन्होंने इस मामले की सघन और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।

प्लास्टिक की बोतल में पानी क्यों नहीं पीते थे अजित पवार?

रोहित पवार ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए एक ऐसा उदाहरण दिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि अजित पवार अपनी सुरक्षा को लेकर अंतिम समय में कितने सतर्क हो गए थे। रोहित के अनुसार, अजित दादा ने अंतिम दिनों में प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीना पूरी तरह बंद कर दिया था और उसकी जगह वे कांच की बोतलों का इस्तेमाल करते थे। इसका कारण बताते हुए रोहित पवार ने कहा कि अजित दादा एक योद्धा थे और उन्हें कोई ब्लैकमेल नहीं कर सकता था, लेकिन उन्हें इस बात का अंदेशा था कि प्लास्टिक की बोतलों के साथ छेड़छाड़ (Tampering) की जा सकती है या उनमें कुछ मिलाया जा सकता है। इसलिए वे अपनी सुरक्षा के लिए कांच की बोतल का ही इस्तेमाल करते थे। यह दावा संकेत देता है कि अजित पवार को पहले से ही अपनी जान को लेकर किसी खतरे का आभास था।

तकनीकी खामियों और प्रोटोकॉल पर सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने कुछ तस्वीरों और तकनीकी दस्तावेजों का भी सहारा लिया। उन्होंने विमान उड़ाने के नियमों, लैंडिंग के समय अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल और पायलट के अनुभव को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उनका सीधा आरोप है कि यह हादसा 100 प्रतिशत एक सोची-समझी साजिश हो सकता है, जिसे दुर्घटना का रूप दिया गया है।

शरद पवार के बयान पर दी सफाई

जब रोहित पवार से पूछा गया कि सांसद शरद पवार ने तो इसे महज एक दुर्घटना बताया था और राजनीति से इनकार किया था, तो उन्होंने बेहद सलीके से जवाब दिया। रोहित ने कहा, "शरद पवार साहब ने वह बयान घटना के महज 6 घंटे बाद दिया था। उस समय अधूरी जानकारी के आधार पर अगर वह कुछ और कहते, तो अगले दिन आने वाली लाखों की भीड़ बेकाबू हो सकती थी। साहेब में वह प्रगल्भता (परिपक्वता) है कि उन्होंने स्थिति को संभाला"। रोहित ने स्पष्ट किया कि वह खुद 13 दिनों की जांच और जानकारी जुटाने के बाद यह दावे कर रहे हैं।

रोहित पवार ने भावुक होते हुए कहा कि उनके लिए उनके 'काका' (चाचा) बहुत महत्वपूर्ण थे। उन्होंने मांग की कि इस हादसे की तह तक जाना जरूरी है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर उस दिन क्या हुआ था। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और अब सबकी नजरें इस पर होने वाली जांच पर टिकी हैं।

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