मुंबई के बोरिवली में BSNL-MTNL की 28.84 एकड़ जमीन पर बनेंगे पीएम आवास, CM फडणवीस ने दी मंजूरी
PM Awas Homes : महाराष्ट्र गृहनिर्माण महामंडल की बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीएम आवास योजना के तहत बीएसएनएल व एमटीएनएल की 28.84 एकड़ जमीन ले कर आवास परियोजना विकसीत करने का लिया निर्णय।
- Written By: गोरक्ष पोफली
बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अन्य अधिकारी (साेर्स: सोशल मीडिया)
Borivali PM Awas Homes: पीएम आवास योजना के तहत किफायती दामों में घर बनाने के लिए बोरिवली स्थित बीएसएनएल व एमटीएनएल की आरक्षित जमीन को रेडी रेकनर दर पर लेने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंजूरी दे दी हैं। यह निर्णय सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित महाराष्ट्र गृहनिर्माण विकास महामंडल की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। बैठक में गृहनिर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव असीमकुमार गुप्ता, म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी, प्रबंधक निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी त्र्यंबक कासार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
729 करोड़ रुपये में ली बीएसएनएल व एमटीएनएल की जमीन
मुंबई के बोरिवली के गोराई क्षेत्र में बीएसएनएल और शिंपाली क्षेत्र में एमटीएनएल की कुल 28.84 एकड़ आरक्षित जमीन है। इस जमीन को रेडी रेकनर दामों के अनुसार लगभग 729 करोड़ रुपये में ले कर आरक्षित जगह पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास परियोजना विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। जिसे मंजूरी मिल गई है। परियोजना के तहत इस जमीन पर एक हजार से ज्यादा किफायती घरों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा बची हुई आरक्षित जमीन के विकास की भी योजना बनाई गई है।
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ईडब्लूएस व एलआईजी के लोगों के लिए है यह योजना
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मुंबई जैसे महानगर में बढते रियल इस्टेट कीमतों के बीच ये योजना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती हैं। सरकार के अनुसार परियोजना में सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिसमें स्वच्छ जल आपूर्ति, बेहतर सीवरेज व्यवस्था, खेल मैदान आदी शामिल होंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की परियोजनाएं न केवल लोगों को घर उपलब्ध कराती हैं,बल्कि रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करती हैं व स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार और भी ऐसी किफायती आवास योजना शुरु करेगी जिससे और अधिक जरूरतमंद नागरिकों को आवास उपलब्ध हो सके।
