अमरावती मनपा के 43 करोड़ के सफाई टेंडर पर विधान परिषद में हंगामा, जांच के आदेश
Amravati Tender Scam: अमरावती मनपा के 43 करोड़ रुपये के ठोस कचरा प्रबंधन टेंडर में अनियमितताओं का मामला विधान परिषद में उठा। मंत्री उदय सामंत ने 90 दिनों में उच्च स्तरीय जांच पूरी का आश्वासन दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Sanjay Khodke (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Amravati Municipal Corporation: अमरावती मनपा में प्रशासकराज के दौरान हुए ठोस कचरा प्रबंधन के 43 करोड़ के टेंडर में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला विधान परिषद में गूंजा, राकां के वरिष्ठ विधायक संजय खोडके ने सफाई टेंडर को तुरंत रद्द करने और नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने की मांग की है।
इस पर उद्योग मंत्री उदय सामंत ने माना कि इस मामले में मनपा की स्थायी समिति ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने घोषणा की कि इस पूरे प्रकरण की विभागीय आयुक्त के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अमरावती मनपा का 43 करोड़ का टेंडर विवादों में
खोडके ने सदन को अवगत कराया कि मनपा चुनाव से पहले प्रशासक काल के दौरान 28 नवंबर 2025 को ‘मेसर्स कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर’ कंपनी के साथ सफाई का अनुबंध किया गया था। इस टेंडर में पहले ठोस कचरा प्रबंधन का टेंडर 30 करोड़ का था, जिसमें घर-घर से कचरा इकट्ठा करने के साथ साथ कीटनाशक फॉगिंग और छिड़काव का काम भी शामिल था।
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90 दिन में जांच रिपोर्ट
नए टेंडर में फॉगिंग और छिड़काव का काम हटा दिया गया, फिर भी टेंडर की कीमत बढ़ाकर 43 करोड़ की गई, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। कंपनी को सफाई के लिए नए वाहनों का उपयोग करना था। नए वाहन खरीदने के लिए कंपनी को 90 दिनों की छूट भी दी गई थी, लेकिन कंपनी ने आज तक नई गाड़िया नहीं खरीदी।
