सोलापुर प्रशासन का बड़ा आदेश: बिना अनुमति महापुरुषों की मूर्ति लगाई तो तुरंत होगी FIR

Solapur Statue Controversy: सोलापुर जिला प्रशासन ने बिना परमिट महापुरुषों की मूर्ति लगाने पर सख्त कार्रवाई का आदेश जारी किया है। नियमों के उल्लंघन पर FIR की जाएगी।
solapur illegal statue installation fir rule district administration action
Solapur statue controversy (सोर्सः सोशल मीडिाय)
Published on: 
Updated on: 

Solapur District Administration Order: सोलापुर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि सोलापुर जिले में बिना परमिट के किसी भी महापुरुष की मूर्ति लगाने पर तुरंत FIR दर्ज की जाएगी और 4 घंटे के भीतर मूर्ति हटा दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि बिना परमिट के मूर्ति लगाने की जानकारी छिपाई गई तो संबंधित पुलिस कर्मियों को सात दिनों के भीतर निलंबित किया जा सकता है। इस संबंध में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने संयुक्त सर्कुलर जारी किया है।

इस बीच यह भी कहा गया है कि यदि ग्राम पंचायत के सदस्यों को ऐसी घटना की पहले से जानकारी होते हुए भी वे प्रशासन को सूचित नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अयोग्यता का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। यह सर्कुलर पिछले महीने सोलापुर जिले में बिना अनुमति के लगाई गई एक मूर्ति को लेकर हुए विवाद के बाद जारी किया गया है। प्रशासन ने महापुरुषों की मूर्तियों के मामलों में सख्त कदम उठाते हुए सीधे कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने तय की 9 नियम और शर्तें

मिली जानकारी के अनुसार, किसी भी महापुरुष की मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रशासन ने 9 नियम और शर्तें तय की हैं। इनमें जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज, ग्राम पंचायत या नगर पंचायत का प्रस्ताव, पुलिस रिपोर्ट, कला निदेशालय की रिपोर्ट, लोक निर्माण विभाग (PWD) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। सर्कुलर के अनुसार, बिना अनुमति मूर्ति लगाए जाने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर सब-डिविजनल ऑफिसर, पुलिस अधिकारी और तहसीलदार को मौके पर पहुंचना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि मूर्ति बनाने वाले कारीगर या फैक्ट्री बिना सरकारी अनुमति के किसी को मूर्ति उपलब्ध न कराएं, अन्यथा संबंधित फैक्ट्री को सील किया जा सकता है। इस बारे में जिला कलेक्टर एस. कार्तिकेयन ने भी कड़ी चेतावनी दी है।

पालक मंत्री जयकुमार गोरे ने बैठक बुलाई थी

दरअसल, माढा तालुका के अंजनगांव खेलोबा में बिना अनुमति लगाए गए एक महापुरुष की मूर्ति को लेकर विवाद के बाद सोलापुर के पालक मंत्री जयकुमार गोरे ने बैठक बुलाई थी। बैठक में प्रशासन को सलाह दी गई थी कि जिन गांवों में बिना अनुमति मूर्तियां लगाई गई हैं, वहां ग्रामीणों को विश्वास में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुमति दिलाई जाए।

पालक मंत्री ने अधिकारियों को यह मॉडल सुझाया था कि गांववाले पहले बिना अनुमति लगी मूर्तियों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित करें और फिर आवश्यक अनुमति लेकर उन्हें विधिवत और सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित करें। प्रशासन को एक से दो महीने के भीतर इन अनुमतियों की प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करने के निर्देश भी दिए गए थे।

प्रशासन सतर्क

इसी दिशा में जिला कलेक्टर कार्तिकेयन एस. और पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी के मार्गदर्शन में जिले में पहले से लगी बिना अनुमति की मूर्तियों को लेकर संबंधित गांवों से बातचीत शुरू की गई है। इसकी पहली सफलता पंढरपुर तालुका के भोसे गांव में देखने को मिली, जहां ग्रामीणों ने खुद ही छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति हटाकर आवश्यक अनुमति के लिए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके बाद सबसे पहले मोडलिंब गांव में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति विधिवत स्थापित की गई। हालांकि, दो दिन पहले अज्ञात लोगों ने उसी स्थान के पास डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की एक और मूर्ति भी लगा दी, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com