जिस घड़ी ने बनाया नेता, वही बनी मौत के बाद डेड बॉडी पहचानने का जरिया- अजित पवार की मौत से जुड़ा अजब-गजब संयोग
Ajit Pawar Party Symbol Watch: हादसा इतना भयानक था कि इसमें अजित पवार समेत सभी बुरी तरह झुलस गए और सभी के शव की पहचान तक कराना कठिन हो गया था। जानिए अजित पवार का शव किस प्रकार पहचाना गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
symbols of power (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Plane Crash Tragedy: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एक ‘बोल्ड’ नेता के रुप में जानें जाने वाले अजित पवार की दुर्घटना में मौत हो गई। बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अजितदादा सुबह 8:10 बजे मुंबई से निकले थे। बारामती में लैंड करते समय सुबह 8:46 बजे उनका प्लेन क्रैश हो गया। इस हादसे से पूरा महाराष्ट्र हिल गया है।
बता दें कि जिला परिषद चुनाव के पृष्ठभूमि पर में बुधवार को अजित पवार की बारामती में चार बैठकें रखी गई थीं। इन मीटिंग के लिए वे हमेशा की तरह सुबह जल्दी निकल गए थे। विमान सुबह मुंबई से बारामती के लिए निकला था। इसी बीच बारामती में लैंडिंग करते समय प्लेन क्रैश हो गया।
‘घड़ी’ से अजित पवार के शव की हुई पहचान
हादसा इतना भयानक था कि इसमें अजित पवार समेत सभी बुरी तरह झुलस गए और सभी के शव की पहचान तक कराना कठिन हो गया था। ऐसे में उनकी कलाई पर बंधी घड़ी ही उनकी पहचान की चाबी थी। बता दें कि इसी उपमुख्यमंत्री अजित पवार की कलाई में बंधी इसी घड़ी से उनके शव की पहचान की गई। इतने भीषण हादसे में सब जलकर खाक होने के बाद भी अजित पवार के हाथ में बंधी घड़ी ने भी उनका साथ नहीं छाड़ा था।
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चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ का यह अजब संयोग
अगर हम राजनितीक एंगल से सोचें, तो घड़ी उनके राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न था और यही उनकी पहचान भी थी। घड़ी चिन्ह से ही अजित पवार का पॉलिटिकल करियर और सफर आगे बढ़ता रहा। NCP के दो पार्टियों में बंटने के बाद भी घड़ी उनके पास रही और आज, उनकी कलाई पर बंधी घड़ी ही उनके शरीर की आखिरी पहचान बनी। यह समय का अजब संयोग था।
