अजित पवार का निधन (डिजाइन फोटो)
Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का दुखद अंत हो गया है। उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन से राज्य स्तब्ध है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। कल सुबह 11 बजे उनके पैतृक निवास बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अजित पवार के निधन की खबर मिलते ही समूचे महाराष्ट्र में गमगीन माहौल है। उनके चाचा और राष्ट्रवादी राजनीति के भीष्म पितामह शरद पवार तुरंत उस अस्पताल पहुंचे, जहां उनके पार्थिव शरीर को रखा गया है। परिवार के साथ-साथ समर्थकों की भारी भीड़ अस्पताल के बाहर जुटी हुई है। बारामती, जो अजित दादा की कर्मभूमि रही है, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार को पुणे जिले के बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने बताया कि अजित पवार का अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में होगा। पार्टी के अनुसार अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की उम्मीद है। अन्य दलों के नेताओं के भी उपस्थित रहने का अनुमान है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बारामती पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “अजित दादा केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक जमीन से जुड़े व्यक्तित्व थे। वे हमारे एक दमदार और बेहद दिलदार मित्र थे। उनका जाना राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
इस दुखद घड़ी में राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से फोन पर लंबी बात की और परिवार को ढांढस बंधाया। पीएम ने अजित पवार के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा घाटा बताया। गृह मंत्री ने भी मुख्यमंत्री से संपर्क कर घटना की जानकारी ली है।
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राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर तीन दिनों के शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। कल सुबह 11 बजे बारामती में उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी, जिसमें राज्य और केंद्र के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के निधन पर के बाद राजकीय घोषित करते करते हुए कहा कि अजित दादा का जाना एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने हमेशा विकास और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा।