राज ठाकरे का अजित पवार की मौत की खबर पर रिएक्शन (सौ. सोशल मीडिया )
Raj Thackeray Reaction On Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और एनसीपी नेता अजित पवार की विमान हादसे में मौत की खबर के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है।
इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने एक भावुक पोस्ट साझा कर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी है और उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान बताया है।
जानकारी के मुताबिक अजित पवार मुंबई से विमान द्वारा बारामती जा रहे थे। DGCA के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया, जिसमें अजित पवार समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा कि अजित पवार उनके दोस्त थे और दोनों लगभग एक ही दौर में राजनीति में आए थे। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने राजनीति के प्रति अपने गहरे लगाव और मेहनत के दम पर महाराष्ट्र की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई।
माझे मित्र आणि राज्याचे उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचं निधन झालं. महाराष्ट्राच्या राजकारणाने एक उमदा नेता गमावला. अजित पवार यांचा आणि माझा राजकारणातला प्रवेश हा काहीसा एकाच काळातील, अर्थात आमचा परिचय हा बराच नंतरचा. पण राजकारणावर कमालीचं प्रेम या एका गुणावर अजित पवारांनी… pic.twitter.com/yIjUC255Af — Raj Thackeray (@RajThackeray) January 28, 2026
राज ठाकरे ने यह भी उल्लेख किया कि भले ही अजित पवार को शरद पवार ने राजनीति में तैयार किया हो, लेकिन बाद में उन्होंने खुद की मजबूत और स्वतंत्र छवि बनाई, जिसे महाराष्ट्र के कोने-कोने तक पहुंचाया।
राज ठाकरे ने लिखा कि 1990 के दशक में महाराष्ट्र में तेजी से शहरीकरण बढ़ रहा था और अजित पवार उन गिने-चुने नेताओं में थे, जिन्हें सेमी-अर्बन और ग्रामीण राजनीति को संतुलित तरीके से संभालना आता था। पिंपरी-चिंचवड़ और बारामती इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं, जहां उनके राजनीतिक विरोधी भी उनके काम की सराहना करते हैं।
पोस्ट में राज ठाकरे ने अजित पवार की प्रशासनिक क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अजित पवार जानते थे कि किसी फाइल की उलझन को कहां और कैसे सुलझाना है। आज के दौर में, जब प्रशासन राजनीति से ऊपर होता जा रहा है, ऐसे नेता का जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राज ठाकरे ने अजित पवार को बेबाक और साफगोई वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार न तो झूठे वादे करते थे और न ही जातिवादी राजनीति में विश्वास रखते थे। आज की राजनीति में ऐसे नेता बहुत कम बचे हैं।
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राज ठाकरे ने अंत में लिखा कि राजनीति में विरोध निजी नहीं होना चाहिए, और ऐसे सच्चे राजनीतिक विरोधियों का एक-एक कर चले जाना महाराष्ट्र की स्वस्थ राजनीति के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए MNS की ओर से अजित पवार को श्रद्धांजलि दी।