Palghar से वाढवण पोर्ट तक 22 किमी नई रेल लाइन, लॉजिस्टिक क्षमता होगी बेहतर

Mumbai: वाढवण पोर्ट को पालघर से जोड़ने के लिए 22.23 किमी नई डबल रेल लाइन का काम तेज हो गया है। रेल ओवर रेल तकनीक से मालगाड़ियां सीधे डीएफसीसीआईएल से जुड़ेंगी।
Palghar Railway Station
पालघर रेलवे स्टेशन (सौ. सोशल मीडिया )
Updated on

Mumbai News In Hindi: वाढ़वण पोर्ट को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पालघर स्टेशन से वाढवण बंदरगाह तक 22.23 किलोमीटर लंबी नई डबल रेल लाइन बिछाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है।

यह प्रोजेक्ट न केवल बंदरगाह की लॉजिस्टिक्स क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि डायरेक्ट डीएफसीसीआईएल से जुड़ने पर पश्चिम रेलवे की मौजूदा पटरियों पर ट्रैफिक और देरी की समस्या नहीं होगी। इस परियोजना का काम पश्चिम रेलवे द्वारा किया जा रहा है।

इस नई रेल लाइन का सबसे बड़ा तकनीकी आकर्षण है रेल ओवर रेल (पालघर रेलवे स्टेशन के ऊपर से गुजरेगा) इसके जरिए नई लाइन मौजूदा पश्चिम रेलवे ट्रैक को बिना बाधा पार करेगी और सीधे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की मालगाड़ी लाइन से जुड़ जाएगी। इस कनेक्टिविटी के बाद वाढ़वण पोर्ट से निकलने वाला माल सीधे देश के औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच सकेगा।

प्रोजेक्ट रेल यातायात को नहीं करेगा बाधित

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह रेल ओवर रेल तकनीकी रूप से ऐसा डिजाइन किया गया है कि इससे मौजूदा रेल परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रेनों की समयपालनता बनी रहेगी और स्थानीय ट्रेनों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहेगी, यह कनेक्शन डीएफसीसीआईएल लाइन तक सीधा पहुंच प्रदान करेगा, जिससे वधावन पोर्ट से आने-जाने वाली मालगाड़ियों को मुख्य लाइन का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

यार्ड से बंदरगाह तक आसान लॉजिस्टिक्स

वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड के तहत 2।60 किलोमीटर क्षेत्र में एक आधुनिक होल्डिंग यार्ड तैयार किया जाएगा। यह यार्ड बंदरगाह से आने-जाने वाली मालगाड़ियों को स्टेजिंग और हैंडलिंग की सुविधा देगा।। यहां ट्रेने बिना मुख्य लाइन बाधित किए तैयार और डिस्पैच की जा सकेंगी।

1423.25 करोड़ की लागत, जमीन अधिग्रहण जारी

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 1423.25 करोड़ रुपए है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 90 प्रतिशत भूमि रेलवे और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी को सौंपे जाने के बाद ही निर्माण के टेंडर जारी किए जाएंगे। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है, ताकि अगले वित्त वर्ष में इस परियोजना का शिलान्यास किया जा सके।

पोर्ट विकास के लिए अहम प्रोजेक्ट

  • वाढवण पोर्ट, जो महाराष्ट्र का अगला बड़ा डीप सी पोर्ट बनने जा रहा है, को कनेक्ट करने वाली यह लाइन राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त प्राथमिकता वाली परियोजना में शामिल है।
  • यह नया रेल कॉरिडोर पोर्ट पर आने-जाने वाले भारी ट्रैफिक को संभालने में मदद करेगा और पश्चिम रेलवे की उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों को राहत देगा।
  • रेल विशेषज्ञों के मुताबिक, इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद महाराष्ट्र में पोर्ट आधारित उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी और निर्यात-आयात की प्रक्रिया और तेज होगी।

--नवभारत लाइव के लिए अभिषेक पाठक की रिपोर्ट

Navbharat Live
navbharatlive.com