NCP split update (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: स्थानीय निकाय चुनावों के समय से राज्य में शुरू हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के विलय की संभावनाएं अब धूमिल होती नजर आ रही हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान हादसे में मृत्यु के बाद उनकी पार्टी के प्रमुख नेता दोनों गुटों के विलय को लेकर सकारात्मक नहीं दिख रहे हैं। वहीं अजीत के बाद उपमुख्यमंत्री और पार्टी की कमान संभाल रहीं सुनेत्रा पवार भी इस विषय पर खास उत्साहित नजर नहीं आ रही हैं।
इसी वजह से राकां (एसपी) के नेता अब विलय के प्रयासों पर अपनी तरफ से विराम लगाने की बात कहने लगे हैं। हालांकि राकां (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी सुनेत्रा की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेगी।
राकां (अजीत पवार) और राकां (एसपी) के विलय की संभावनाओं को लेकर राकां (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने शनिवार को कहा कि हम मर्जर की चर्चा को यहीं खत्म कर रहे हैं। शिंदे ने कहा, “विलय को लेकर हुई चर्चाओं में हमने अपनी भावनाएं जाहिर कर दी थीं। जिला परिषद चुनाव के बाद अंतिम निर्णय होना था और मर्जर का फॉर्मूला भी तय होना था। लेकिन चर्चा करने वाला नेता ही अब नहीं रहा है, इसलिए फिलहाल इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हमने दिवंगत अजीत की इच्छा पूरी करने की बात कही थी, लेकिन अब इस मुद्दे पर बात नहीं करने का निर्णय लिया है।”
जयंत पाटिल ने कहा कि विलय के मुद्दे पर अब वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, “हमारे नेता शरद पवार के नेतृत्व में हमारी पार्टी का स्वतंत्र अस्तित्व है और हम उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि हमने सुनेत्रा पवार से कहा है कि हम उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। दोनों गुटों के विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, इस संबंध में सुनील तटकरे के दावे पर पाटिल ने कहा कि जिस व्यक्ति से हमारी बातचीत हुई थी, जब वही अब नहीं रहे, तो किसी बयान का जवाब देना जरूरी नहीं लगता। फिर भी हमने सुनेत्रा से कहा है कि अगर कोई समस्या हो तो हमें बेझिझक बताएं।
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विलय की चर्चाओं से अनभिज्ञता जताते हुए वरिष्ठ नेता भुजबल ने कहा कि इतनी जल्दबाजी क्यों है, फैसला एक महीने बाद भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ‘नई कैप्टन’ ही अंतिम निर्णय लेंगी। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा जल्द ही एक बैठक करेंगी, जिसमें विधायकों की राय जानने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले अजीत गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने मंचर के आंबेगांव में आयोजित एक बैठक में कहा था कि मंगलवार (17 फरवरी) को मुंबई में एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में सुनेत्रा पार्टी के विधायकों से विलय और राष्ट्रीय अध्यक्ष के मुद्दे पर राय जानने का प्रयास कर सकती हैं।