अब मनपा में ‘पिछले दरवाजे’ से प्रवेश के लिए लॉबिंग तेज, जानिए कौन बन सकता है स्वीकृत नगरसेवक
Mumbai Municipal Corporation Politics: मुंबई, ठाणे और अन्य महानगरपालिकाओं में स्वीकृत नगरसेवकों की संख्या दोगुनी होने के बाद नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटर बनने के लिए राजनीतिक दलों में लॉबिंग तेज हो गई है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Mumbai BMC news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai BMC News: मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और पुणे सहित राज्य की कई महानगरपालिकाओं में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद अब स्वीकृत नगरसेवक (नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटर) बनने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। बीजेपी, शिवसेना सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और मनपा चुनाव में हारने वाले उम्मीदवार भी अब ‘पिछले दरवाजे’ से मनपा सदन में प्रवेश पाने की कोशिश में जुट गए हैं।
दोगुनी होगी कॉप मेंबर्स की संख्या
उल्लेखनीय है कि देश की सबसे बड़ी महापालिका मुंबई सहित राज्य की अन्य बड़ी महानगरपालिकाओं में स्वीकृत नगरसेवकों की संख्या दोगुनी कर दी गई है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे और नागपुर में अब 5 की बजाय 10 स्वीकृत सदस्य चुने जाएंगे। इससे मनपा में ‘बैक डोर’ से एंट्री पाने की होड़ और तेज हो गई है। हालांकि, नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटर बनने के लिए कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
डॉक्टर, इंजीनियर, वकील भी बन सकेंगे नगरसेवक
राज्य सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, केवल वे लोग ही नॉमिनेटेड कॉर्पोरेटर बन सकेंगे जो तय मानकों को पूरा करते हों। इसके लिए मेडिसिन, एजुकेशन, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे क्षेत्रों में कम से कम 5 साल का अनुभव होना जरूरी है। इसी तरह किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर, लेक्चरर या प्रिंसिपल, चार्टर्ड अकाउंटेंट या एक्सपेंस अकाउंटेंट के रूप में पांच साल का अनुभव रखने वाले व्यक्ति भी स्वीकृत नगरसेवक बन सकते हैं।
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ये भी हैं जरूरी शर्तें
म्युनिसिपल काउंसिल के चीफ ऑफिसर, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के असिस्टेंट कमिश्नर या डिप्टी कमिश्नर के रूप में पांच साल का अनुभव रखने वाले, या फिर म्युनिसिपल कमिश्नर पद से रिटायर्ड व्यक्ति को भी इस पद के लिए चुना जा सकता है।
एक आसान शर्त भी
इन सभी शर्तों के अलावा एक ऐसी शर्त भी है, जिसे पूरा करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है। सोशल वेलफेयर के क्षेत्र में काम कर रहे किसी रजिस्टर्ड नॉन-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन में कम से कम 5 साल का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को भी स्वीकृत नगरसेवक बनाया जा सकता है। राजनीतिक दलों के कई पदाधिकारी किसी न किसी स्वयंसेवी संस्था से जुड़े रहते हैं, इसलिए इस आधार पर भी कई लोग इस पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं।
बीजेपी-शिवसेना के सर्वाधिक कॉप सदस्य
मुंबई सहित कई महानगरपालिकाओं में बीजेपी और शिवसेना के संख्याबल को देखते हुए इन पार्टियों में नॉमिनेटेड नगरसेवक बनने की होड़ सबसे ज्यादा है। मुंबई मनपा में 227 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं। पहले यहां 5 नॉमिनेटेड नगरसेवक चुने जाते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई है। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, इस बार मुंबई मनपा में बीजेपी के 4 स्वीकृत सदस्य हो सकते हैं।
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इसी तरह शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के 2, शिवसेना (यूबीटी) का 1 और कांग्रेस का 1 सदस्य चुना जा सकता है, जबकि एमआईएम और मनसे को कोई स्वीकृत सीट मिलने की संभावना नहीं है। ठाणे मनपा में शिवसेना (शिंदे गुट) के 7 कॉप सदस्य, बीजेपी के 2 और एनसीपी (शरद पवार गुट) के हिस्से में 1 स्वीकृत पद जाने की संभावना जताई जा रही है।
जारी है जोड़-तोड़
मनपा चुनाव में कम अंतर से हारने वाले उम्मीदवार भी स्वीकृत नगरसेवक बनने के लिए सक्रिय हो गए हैं। इसके अलावा चुनाव के दौरान दलबदल कर दूसरी पार्टियों से बीजेपी या शिवसेना में शामिल हुए नेता भी इस पद को पाने के लिए लगातार लॉबिंग कर रहे हैं।
