Navi Mumbai samagam 2026 (सोर्सः सोशल मीडिया)
Navi Mumbai Samagam 2026: गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत पर आयोजित ‘हिंद-दी-चादर’ समागम को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। कोंकण क्षेत्र के शिक्षा विभाग की ओर से 10 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक बड़े पैमाने पर जनजागरण गतिविधियां चलाई जा रही हैं। अब तक ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के कुल 15,972 शैक्षणिक संस्थानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी दर्ज कराई है। इनमें लगभग 22,38,990 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, जिला परिषद व अनुदानित प्राथमिक विद्यालयों, निजी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों, अनुदानित व गैर-सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, आश्रम विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में प्रतियोगिताएं, व्याख्यान, निबंध लेखन, वक्तृत्व, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
ठाणे जिले में 4,777 शैक्षणिक संस्थानों से 11,59,194 विद्यार्थियों ने भाग लिया। पालघर में 3,064 संस्थानों से 3,91,664, रायगढ़ में 3,628 संस्थानों से 5,34,628, रत्नागिरी में 2,871 संस्थानों से 1,42,299 और सिंधुदुर्ग में 1,632 संस्थानों से 11,205 विद्यार्थियों ने सहभागिता दर्ज कराई। विद्यार्थियों को ‘हिंद-दी-चादर’ के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व से अवगत कराया जा रहा है।
राज्य स्तरीय समागम समिति के समन्वयक रामेश्वर नाईक ने बताया कि संतों की भूमि महाराष्ट्र और पंजाब के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से गहरा संबंध रहा है। महाराष्ट्र के नांदेड़ और नागपुर में ‘हिंद-दी-चादर’ समागम के बाद अब नवी मुंबई में 28 फरवरी और 1 मार्च को ऐतिहासिक समागम आयोजित होगा। दो दिनों में देश-विदेश से लगभग 15 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में ‘हिंद-दी-चादर’ समागम राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया है और इससे सामाजिक कार्यों को भी जोड़ा गया है।
25 फरवरी तक गांव और बस्तियों में लगाए गए विशेष चिकित्सा शिविरों को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक 1,765 हेल्थ कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 65,096 लोगों को स्वास्थ्य जांच और उपचार का लाभ मिला है।
ये भी पढ़े: अकोला: किसान सारथी पोर्टल से किसानों तक पहुंचेगी सीधी कृषि सलाह, सुब्रतो रॉय का बयान
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 14 फरवरी तक रत्नागिरी जिले में सबसे अधिक 532 कैंप, ठाणे में 457, पालघर में 240, रायगढ़ में 423 और सिंधुदुर्ग में 113 कैंप लगाए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से ठाणे में 27,078, पालघर में 9,034, रायगढ़ में 14,883, रत्नागिरी में 19,816 और सिंधुदुर्ग में 4,285 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इस पहल के तहत लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 28 फरवरी और 1 मार्च को समागम स्थल पर भी बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।