हिंदू मेयर पर सियासी बवाल! नवाब मलिक ने सीएम फडणवीस पर किया पलटवार, बाेले- धर्म या जाति नहीं…
Hindu Mayor Controversy: मुंबई नगर निगम चुनाव से पहले सियासी पारा गरमाया। नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस के 'हिंदू मराठी मेयर' वाले बयान की आलोचना करते हुए कहा कि एनसीपी धर्म आधारित राजनीति नहीं करती।
- Written By: आकाश मसने
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nawab Malik Mumbai Mayor Response: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘मुंबई के मेयर’ के चेहरे को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हालिया टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुट के नेता नवाब मलिक ने साफ कर दिया कि मुंबई का भविष्य जाति या धर्म नहीं, बल्कि यहां के नागरिक तय करेंगे।
नवाब मलिक ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बीजेपी के एजेंडे और सीएम फडणवीस के हिंदू मेयर वाले बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस देश के नागरिक और विशेष रूप से मुंबई के निवासी यह फैसला करेंगे कि उनका मेयर कौन होगा। हम धर्म या जाति के आधार पर राजनीति करने में विश्वास नहीं रखते। जहां कुछ दल भाषा और धर्म को ढाल बना रहे हैं, वहीं हमारा इतिहास सभी समुदायों को साथ लेकर चलने का रहा है।
क्या बाेले नवाब मलिक?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने शहर में किसी भी प्रकार की राजनीतिक ‘लहर’ होने के दावों को खारिज कर दिया। उनका मानना है कि इस बार चुनाव वार्ड स्तर पर बेहद दिलचस्प होने वाला है। उन्होंने कहा, “यह सोचना गलत है कि पूरे मुंबई में एक ही लहर चल रही है। हर वार्ड की जमीनी हकीकत अलग है। कई जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवार मुख्य पार्टियों के समीकरण बिगाड़ रहे हैं और मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं।”
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कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी पर निशाना
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मलिक ने कहा कि मुंबई में इस वक्त सबसे खराब स्थिति कांग्रेस की है। गठबंधन के बावजूद कांग्रेस कई सीटों पर उम्मीदवार तक नहीं उतार पाई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कई वार्डों में कांग्रेस के कार्यकर्ता ही अपनी पार्टी के फैसलों का विरोध कर रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को दर्शाता है।
NCP (अजित पवार) की रणनीति और एकजुटता
चुनावों के बाद पार्टी के भविष्य और संभावित विलय की खबरों पर मलिक ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा, “विलय जैसे बड़े फैसले पार्टी नेतृत्व लेता है। हमारा वर्तमान उद्देश्य परिवार और पार्टी को एकजुट रखना है। हम 97 सीटों (94 आधिकारिक + 3 समर्थित) पर चुनाव लड़ रहे हैं और हमारा चुनाव अभियान पूरी ताकत से शुरू हो चुका है।”
