Maha AI, digital governance Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
AI Impact Summit 2026: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केवल तकनीकी क्रांति नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने का माध्यम है। यह विचार महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में व्यक्त किए। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से ‘महा एआई: बिल्डिंग सेफ, सिक्योर एंड स्मार्ट गवर्नेंस’ विषयक विशेष सत्र का आयोजन किया गया था।
मंत्री शेलार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र ने एआई की मदद से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, तेज और मानवीय बनाया है। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से तैयार ‘महा क्राइम’ प्रणाली ने अपराध रोकने और जांच प्रक्रिया को गति देने में अहम भूमिका निभाई है। इस प्रणाली की स्वयं माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भी सराहना की है।
महा आईटी एक उन्नत ‘इंटेलिजेंट गवर्नमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर’ विकसित कर रहा है, जिसके जरिए स्मार्ट भर्ती प्रक्रिया, संपत्ति मैपिंग, रियल-टाइम नागरिक डैशबोर्ड, यातायात और बाढ़ प्रबंधन तथा शिकायत निवारण जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही नागरिकों की सहायता के लिए विशेष ‘महा जीपीटी’ एआई मॉडल भी विकसित किया जा रहा है।
सत्र में महाराष्ट्र साइबर सेल के एडीजीपी यशस्वी यादव ने बताया कि एआई के उपयोग से एक हजार करोड़ रुपये की ठगी रोकी गई, साथ ही 70 बच्चियों की जान बचाई गई। डीपफेक वीडियो की पहचान, महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग के संभावित खतरों जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों ने गहन चर्चा की।
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विशेषज्ञों ने एआई के विस्तार को टियर-2 और टियर-3 शहरों तक ले जाने, हाई-स्पीड इंटरनेट और डेटा सेंटर नेटवर्क को मजबूत करने तथा कर्मचारियों के कौशल विकास पर बल दिया। मंत्री शेलार ने वैश्विक तकनीकी संस्थानों से महाराष्ट्र के साथ साझेदारी का आह्वान करते हुए कहा कि एआई का उद्देश्य नागरिकों को प्रशासन से दूर करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।