नवाब मलिक का अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद से लिंक! मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप तय, PMLA के तहत चलेगा मुकदमा

Nawab Malik News: एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ दाऊद इब्राहिम लिंक्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में विशेष अदालत ने आरोप तय किए। मलिक ने खुद को बेकसूर बताया। अब पीएमएलए के तहत मुकदमा चलेगा।
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एनसीपी नेता नवाब मलिक (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nawab Malik Money Laundering Case: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई। भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके नेटवर्क से जुड़े कथित धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में विशेष अदालत ने मलिक के खिलाफ आरोप तय कर मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

अदालत में मलिक ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों का खंडन किया, लेकिन अदालत ने प्रचलित कानून के तहत उनके खिलाफ ट्रायल शुरू किए जाने का आदेश दिया।

ट्रायल का रास्ता साफ

सांसद/विधायक मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद मलिक सहित अन्य आरोपियों पर आरोप तय किए। अदालत ने सभी आरोपियों को आरोप पत्र पढ़कर सुनाया और पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाने को मंजूरी दी। इस मामले में राकांपा नेता से जुड़े कई कंपनियां भी आरोपी के तौर पर पेश की गई हैं, जिनमें मलिक के परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित संस्थाएं शामिल हैं। अदालत का यह आदेश मामले को मुकदमे की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

NIA की प्राथमिकी पर आधार पर ED की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की यह जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।

दाऊद इब्राहिम न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घोषित आतंकवादी है, बल्कि 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों का मुख्य आरोपी भी है।ईडी ने इसी कड़ी में फरवरी 2022 में नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने दाऊद के सहयोगियों से जुड़े सौदों में आर्थिक लेन-देन किया, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका बनी।

डिकल आधार पर मिली थी जमानत

गिरफ्तारी के बाद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। लेकिन अब विशेष अदालत द्वारा आरोप तय होने के बाद उनके खिलाफ मुकदमा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

मामले की अगली सुनवाई में अदालत साक्ष्यों और गवाहों की सूची पर निर्णय लेगी। यह ट्रायल महाराष्ट्र की राजनीति और राकांपा के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।

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