Narhari Jhirwal Controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Jhirwal Video Case: एक कथित वीडियो के कारण विवादों में घिरे मंत्री व राकां अजीत पवार पार्टी के नेता नरहरी झिरवल ने सुनेत्रा पवार को फोन कर अपना पक्ष रखा है। सूत्रों के अनुसार, झिरवल ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में उनकी कोई गलती नहीं है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए नासिक जिला पुलिस प्रमुख को पत्र भी लिखा है। इस विवाद के कारण झिरवल हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में भी अनुपस्थित रहे।
लेकिन, वे अगले सप्ताह होने वाली पार्टी की आंतरिक बैठक में शामिल होकर आधिकारिक तौर पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। मंत्री झिरवले के विवादित वीडियो मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दिलचस्प बात यह है कि यह मामला एक ट्रांसजेंडर की शिकायत पर दर्ज हुआ है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह मामला नौकरी के लिए ब्लैकमेलिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
आरोप लगाया गया है कि एक ट्रांसजेंडर के भाई ने अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) में नौकरी दिलाने की मांग की थी और मांग पूरी न होने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि वीडियो को जानबूझकर एडिट कर वायरल किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 79, 351(1) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की दिशा तय की है।
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दूसरी ओर इस पूरे विवाद में करुणा मुंडे के दावों ने आग में घी डालने का काम किया है। करुणा ने आरोप लगाया है कि नरहरी झिरवल का वीडियो किसी और ने नहीं बल्कि धनंजय मुंडे ने ही वायरल करवाया है।
उन्होंने दावा किया कि धनंजय को मंत्री पद की जल्दबाजी है, इसलिए उन्होंने यह साजिश रची है। करुणा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की एसआईटी (एसआईटी) जांच कराई जाए और धनंजय मुंडे का नार्को टेस्ट व सीबीआई जांच भी होनी चाहिए। इन आरोपों के बाद एनसीपी के भीतर का अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ गया है।