अजित पवार विमान हादसा: बेंगलुरु में दर्ज ‘Zero FIR’ अब तक नहीं पहुंची पुणे पुलिस के पास, कैसे होगी जांच?

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार विमान हादसे के मामले रोहित पवार ने कर्नाटक के बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन यह FIR अब तक पुणे ग्रामीण पुलिस को नहीं मिली है।
Ajit Pawar Plane Crash Pune Rural Police have not yet received Zero FIR registered by Rohit Pawar in Bengaluru
अजित पवार प्लेन क्रैश (डिजाइन फोटो)
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Ajit Pawar Plane Crash Zero FIR: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एक विमान हादसे में हुए निधन के मामले में अब एक नया कानूनी और राजनीतिक मोड़ आ गया है। अजित पवार के भतीजे और एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के 'हाई ग्राउंड्स' पुलिस स्टेशन में एक 'जीरो एफआईआर' दर्ज कराई है। रोहित पवार का आरोप है कि यह विमान हादसा कोई सामान्य तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि उन्हें रास्ते से हटाने की एक सोची-समझी आपराधिक साजिश हो सकती है। हालांकि पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी तक बेंगलुरु से औपचारिक रूप से एफआईआर की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है।

साजिश और लापरवाही के गंभीर आरोप

रोहित पवार द्वारा दर्ज कराई गई इस एफआईआर में विमान कंपनी, VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, और इसके प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि जिस विमान Learjet 45 का इस्तेमाल किया गया था, वह अपनी तय उड़ान क्षमता 5,000 घंटे से कहीं अधिक लगभग 8,000 घंटे चल चुका था। साथ ही, लॉगबुक में हेरफेर और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के दावे भी किए गए हैं। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पायलट का चयन आखिरी वक्त में बदला गया और खराब दृश्यता के बावजूद लैंडिंग की अनुमति दी गई, जो नियमों के खिलाफ था।

बेंगलुरु में क्यों दर्ज हुई FIR?

रोहित पवार के अनुसार, उन्होंने महाराष्ट्र में मुंबई के मरीन ड्राइव और बारामती पुलिस स्टेशनों में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन वहां केवल 'एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट' (ADR) दर्ज की गई और एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया। इसी कारण उन्होंने कर्नाटक पुलिस का रुख किया। कानून के मुताबिक, 'जीरो एफआईआर' किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जा सकती है, जिसे बाद में संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया जाता है।

जीरो FIR को लेकर पुणे पुलिस ने क्या कहा?

फिलहाल पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी तक बेंगलुरु से औपचारिक रूप से एफआईआर की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कदम को महाराष्ट्र की छवि खराब करने की कोशिश बताया है। उन्होंने सदन में कहा कि राज्य सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और मामला पहले से ही सीआईडी के पास है।

इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल ला दिया है। विपक्ष अब इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा प्रायोजित राजनीतिक कदम बता रहा है।

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