महाराष्ट्र में पशु क्रूरता के सबसे ज्यादा मामले, एनसीआरबी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
Maharashtra Tops Animal Cruelty Cases 2026: पशु क्रूरता रिपोर्ट में महाराष्ट्र देश में सबसे ऊपर पहुंच गया है। पशुओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र में जानवरों पर ज़ुल्म के मामले (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Tops Animal Cruelty Cases 2026: महाराष्ट्र में बेजुबान जानवरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और क्रूरता ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो यानी एनसीआरबी की पहली अलग पशु क्रूरता रिपोर्ट में राज्य 2,927 मामलों के साथ देश में शीर्ष पर पहुंच गया है।
देशभर में दर्ज 9,039 मामलों में से लगभग एक- तिहाई अकेले महाराष्ट्र से सामने आए हैं। मवेशी तस्करी, कुत्तों-बिल्लियों पर हमले और अन्य पशुओं के प्रति अत्याचार के बढ़ते मामलों ने पशु संरक्षण कानूनों के कमजोर अमल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में पशु क्रूरता और हिंसा मामलों में 10,312 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
80.5 प्रतिशत दोषसिद्धि दर दर्ज
आरोपपत्र दाखिल करने की दर लगभग 96.7 प्रतिशत रही, जबकि दोषसिद्धि दर 80.5 प्रतिशत दर्ज की गई। पशु कल्याण कार्यकर्ताओं ने कहा है कि ये आंकड़े केवल दर्ज किए गए मामलों को दर्शाते हैं, जबकि क्रूरता का वास्तविक पैमाना अधिक हो सकता है। दर्ज किए गए अपराधों में मवेशी तस्करी, कुत्तों के प्रति हिंसा, बिल्लियों, घोड़ों, गधों, बकरियों और अन्य जानवरों के प्रति क्रूरता शामिल हैं।
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नीति और मुकदमेबाजी को मिलेगी मजबूती
- बताया गया है कि राष्ट्रीय पशु कल्याण बोर्ड के अलग रिकॉर्ड और बीएनएस के प्रावधानों के लागू होने से पशुओं के प्रति हिंसा को अब मामूली उल्लंघन के बजाय एक गंभीर आपराधिक अपराध के रूप में माना जाएगा।
- पशु कल्याण संगठनों ने पशु संरक्षण कानूनों के सख्त कार्यान्वयन, बेहतर आश्रय सुविधाओं और आवारा पशुओं के लिए बेहतर प्रबंधन प्रणालियों की मांग की है।
गैर सरकारी संगठन प्योर लव फॉर एनिमल चलाने वाले पुलिस अधिकारी सुधीर कुडालकर ने बताया है कि पहली बार एनसीआरबी ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पूरे भारत में पशु क्रूरता के मामलों को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया है। - उन्होंने आगे कहा कि वे सरकार, संबंधित अधिकारियों और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से पशु क्रूरता के अपराधों को गैर-जमानती बनाने और न्यूनतम जुर्माने को 25,000 रुपए से अधिक करने का आग्रह करेंगे।
