कलमना से रिंग रोड तक 'रेड ही रेड'; FDA के निशाने पर सुपारी माफिया, तंबाकू पर भी बड़ी कार्रवाई

FDA Raid Nagpur: नागपुर में FDA का 'सर्जिकल स्ट्राइक'! मुंबई से आए विशेष दस्ते ने करोड़ों की सुपारी और तंबाकू जब्त की। स्थानीय अधिकारियों की चुप्पी ने खड़े किए सवाल।
Massive FDA raids in Nagpur: Special squad from Mumbai seizes betel nuts & tobacco worth crores.
नागपुर रेड (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: नागपुर में अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) के विशेष दस्ता पिछले दिनों से शहर में ‘कहर’ बरपा रहा है। सोमवार से ही शहर के विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई कर माल जब्त किया जा रहा है। अन्न और औषधि मंत्री नरहरी झिरवल के आदेश पर गठित दस्ते को विशेष रूप से नागपुर में भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर कोल्ड स्टोरेज और गोदामों पर छापेमारी की जा चुकी है। आश्चर्य की बात यह है कि नागपुर संभाग के बड़े अधिकारियों को भी इसकी भनक बाद में लगी और वे भी इस संबंध में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।

करोड़ों की सुपारी जब्त

मंत्री के आदेश पर गठित दस्ते का टारगेट ‘सुपारी’ है। सुपारी सही है या गलत यह देखे बिना ही कोल्ड स्टोरेज की छानबीन की जा रही है और माल की जब्ती की जा रही है। अब तक करोड़ों के माल जब्त होने की जानकारी भी सामने आ रही है। कार्रवाई से नागपुर में हड़कंप मचा हुआ है। कलमना, कलमेश्वर, आउटर रिंग रोड के कई कोल्ड स्टोरेज में रखे माल को सील कर दिया गया है।

तंबाकू पर भी कार्रवाई

विशेष दस्ता सुपारी के साथ-साथ तंबाकू पर भी कार्रवाई कर जब्ती कर रहा है। यह अलग बात है कि शहर और जिले के कोने-कोने में खुलेआम तंबाकू की बिक्री हो रही है। स्थानीय अधिकारियों को यह कभी भी दिखाई नहीं दिया और अब विशेष दस्ते को विशेष आग्रह पर बुलाया गया है। निश्चित है कि दस्ता 2-4 दिन अपनी ‘बहादुरी’ दिखाएगा और फिर सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

कार्रवाई गुप्त रखने से चर्चा का दौर

आम तौर पर छोटी-छोटी कार्रवाई होने पर विभाग की ओर से जानकारी दी जाती है। इस बार 3 दिनों से कार्रवाई जारी है और पूरी कार्रवाई को गुप्त रखा गया है। इससे मार्केट में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं। लोगों और व्यापारियों का कहना है कि ‘विशेष’ दस्ता केवल ‘विशेष’ काम से आया हुआ है।

‘उद्देश्य’ पूरा होते ही ये निकल जाएंगे और व्यापारी परेशान होते रहेंगे, इसलिए कारोबारी इस पर ‘अंगुली’ उठाने लगे हैं। इतना ही नहीं अपने ‘उद्देश्य’ के लिए ये शहर के व्यापार और ट्रांसपोर्ट कारोबार को ही खराब करेंगे। वास्तव में इन्हें कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है।

स्थानीय अधिकारियों की चुप्पी

इस संबंध में संभाग के सबसे बड़े अधिकारी के। जयपुरकर से संपर्क करने पर उन्होंने बस इतना कहा कि मुंबई से टीम आई है। मुझे रेड की जानकारी नहीं है। हां 2 दिनों में कुछ स्थानों पर वे गए थे। इस प्रकार की प्रवृत्ति से स्थानीय अधिकारियों और मुंबई से आई टीम के प्रति लोगों में ‘शंका’ भी उत्पन्न होने लगी है। लोग दबी जुबान से कई तरह की बातें करने लगे हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई की गई है तो खुलकर उसकी जानकारी लोगों को दी ही जानी चाहिए।