प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Wadala Murder News: आर्थिक राजधानी मुंबई के वडाला इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ होली के त्यौहार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब महज एक मामूली विवाद के चलते 22 वर्षीय युवक तुषार उज्जैनवाला की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मुंबई पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे वडाला के कोकरीपाड़ा इलाके में हुई। आरोपी युवक होली मनाने के बाद एक जगह इकट्ठा होकर बीयर पी रहे थे। इसी दौरान तुषार उज्जैनवाला अपने एक दोस्त के साथ वहां से गुजर रहा था। चलते समय गलती से तुषार का पैर एक आरोपी से छू गया। नशे में धुत आरोपियों ने इस बात पर तुषार के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
शुरुआती विवाद के बाद तुषार अपने घर लौटा और अपने बड़े भाई को पूरी बात बताई। इसके बाद, दोनों भाई आरोपियों से इस दुर्व्यवहार का कारण पूछने और उन्हें समझाने वापस घटना स्थल पर गए। लेकिन वहां स्थिति और बिगड़ गई। आरोपियों ने बातचीत करने के बजाय दोनों भाइयों पर हमला बोल दिया। चारों आरोपियों ने मिलकर तुषार को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसे गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वडाला पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चारों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर कड़ियां जोड़ रही है ताकि आरोपियों को सख्त सजा मिल सके।
मुंबई में अपराध का ग्राफ यहीं नहीं रुका। हाल ही में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया जहां तीन नाबालिगों ने अपने ही 14 साल के दोस्त सिद्धार्थ की हत्या कर दी। विहार झील के पास हुई इस घटना में आरोपियों ने हत्या को हादसे का रूप देने के लिए शव को झील में फेंक दिया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी की मदद से इस गुत्थी को सुलझाया और तीनों नाबालिगों को हिरासत में लिया।
यह भी पढ़ें:- संपादकीय: पृथ्वी का ही खात्मा करने पर आमादा, क्या इंसानी साहस अब वहशीपन बन गया है?
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सिद्धार्थ 8वीं का छात्र था और अपने माता-पिता व छोटे भाई के साथ तुलशेत पाड़ा में रहता था। 22 फरवरी को सिद्धार्थ दोपहर 3 बजे घर से खेलने के लिए निकला था। जब वह शाम तक वापस नहीं आया, तो उसके परिवार ने उसे ढूंढना शुरू किया, लेकिन रातभर उसका कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस की जांच में अगले दिन सिद्धार्थ की ग्रे टी-शर्ट और काली चप्पलें विहार झील के पास मिलीं। इसके बाद झील में सिद्धार्थ के होने की आशंका पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया और उसी शाम झील से उसका शव बरामद किया गया।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज और लोगों से पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने दोनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने झूठा बयान दिया और वापस घर चले आए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने फिर से दोनों दोस्तों को बुलाया और उनसे अलग-अलग पूछताछ की। उन्होंने कथित तौर पर सिद्धार्थ पर हमला करने की बात कबूल की और एक दोस्त के शामिल होने की बात बताई। बाद में पुलिस ने तीनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया।